उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए सौगात

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए सौगात

पहाड़ों की रानी मसूरी और उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों की सैर करने के लिए देश-विदेश से लाखों पर्यटक हर साल देहरादून के रास्ते गुजरते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या में हुई बेतहाशा वृद्धि और संकरे पहाड़ी रास्तों के कारण पर्यटकों को देहरादून से मसूरी की चढ़ाई चढ़ते समय घंटों भीषण ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) का सामना करना पड़ता था। इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने और राज्य की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन ने एक बेहद महत्वाकांक्षी और क्रांतिकारी योजना पर काम शुरू कर दिया है। देहरादून के भीतर यातायात के दबाव को कम करने और मसूरी के सफर को सुगम बनाने के लिए शहर की दो प्रमुख जीवनरेखाओं—रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एक भव्य 'एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर' (Elevated-Tunnel Corridor) का निर्माण किया जाना तय हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में सफर का पूरा नक्शा ही बदल जाएगा।

क्या है रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट और कैसे बदलेगा देहरादून की तस्वीर?

देहरादून शहर के बीच से गुजरने वाली रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारों और उनके ऊपर बाईपास तथा एलिवेटेड रोड बनाने की यह योजना शहर के अर्बन प्लानिंग इतिहास की सबसे बड़ी परियोजनाओं में गिनी जा रही है। इस नए प्रोजेक्ट के तहत देहरादून के एक छोर से शुरू होकर सीधे मसूरी मार्ग तक बिना किसी सिग्नल या ट्रैफिक बाधा के वाहनों के आने-जाने की अत्याधुनिक व्यवस्था तैयार की जा रही है। इस पूरे नेटवर्क में एलिवेटेड सड़कों (Elevated Roads) के साथ-साथ कई स्थानों पर टनल (Tunnels) यानी सुरंगों का निर्माण भी किया जाएगा, जो पहाड़ी और शहरी भूगोल के बीच संतुलन बनाते हुए कम समय में लंबी दूरी तय करने में मदद करेंगी। इस प्रोजेक्ट के मूर्त रूप लेने के बाद देहरादून के आंतरिक हिस्सों में लगने वाला जाम पूरी तरह से खत्म हो जाएगा और पर्यटक बिना किसी मानसिक तनाव के सीधे मसूरी की वादियों में प्रवेश कर सकेंगे।

पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भीषण ट्रैफिक जाम से मिलेगी स्थायी मुक्ति

सैलानी जब भी वीकेंड या छुट्टियों के दिनों में देहरादून से मसूरी के लिए निकलते हैं, तो बल्लूपुर चौक, राजपुर रोड या घंटाघर के आसपास ऐसा भयंकर जाम लगता है कि कई बार लोगों को अपनी गाड़ी में घंटों फंसे रहना पड़ता है। इस स्थिति के कारण न केवल पर्यटकों का समय और ऊर्जा बर्बाद होती है, बल्कि स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस नए 'एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर' के बन जाने से देहरादून में प्रवेश करते ही वाहन सीधे इस एलिवेटेड नेटवर्क पर चढ़ जाएंगे और शहर के ट्रैफिक में फंसे बिना सीधे मसूरी रोड की तरफ निकल जाएंगे। स्थानीय निवासियों के लिए भी शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचना अब मिनटों का खेल रह जाएगा, जिससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण के स्तर में भी भारी कमी दर्ज की जाएगी।

आधुनिक इंजीनियरिंग और पर्यावरण संतुलन का अनूठा संगम

इस तरह के बड़े पहाड़ी और शहरी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास कार्यों में अक्सर पर्यावरण और तकनीकी चुनौतियों का खास ध्यान रखना पड़ता है। इंजीनियरों और योजनाकारों ने इस बात को पूरी तरह से सुनिश्चित किया है कि रिस्पना और बिंदाल नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे और निर्माण कार्य पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) तकनीकों के आधार पर किया जाए। आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण सामग्री का उपयोग करके यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह कॉरिडोर आने वाले कई दशकों तक बिना किसी रुकावट के अपनी सेवाएं देता रहे। सरकार का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि विकास और प्रकृति के बीच तालमेल बिठाकर ही स्मार्ट सिटी और आधुनिक परिवहन प्रणालियों का निर्माण किया जा सकता है।

पर्यटन उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

उत्तराखंड की आर्थिकी का बहुत बड़ा हिस्सा पर्यटन (Tourism) पर आधारित है, और जब पर्यटकों को आवाजाही में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता, तो राज्य में सैलानियों की संख्या में और अधिक वृद्धि होती है। इस एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोग बेहद कम समय में मसूरी पहुंच सकेंगे, जिससे पर्यटन सीजन के दौरान होटल कारोबार, होमस्टे और स्थानीय हस्तशिल्प बाजार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। उत्तराखंड सरकार के इस दूरदर्शी और ऐतिहासिक कदम से राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और देश के नक्शे पर देहरादून-मसूरी का यह रूट देश के सबसे आधुनिक और सुगम पर्यटन मार्गों में शुमार हो जाएगा।