उत्तराखंड चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव, कई दिग्गजों के कटेंगे टिकट; नए चेहरों पर दांव
उत्तराखंड में होने वाले आगामी विधानसभा इलेक्शन को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चौसर बिछा दी है। जहां एक तरफ विपक्षी कांग्रेस पूर्व चीफ मिनिस्टर हरीश रावत के बिना अनुमति रोड शो और उनकी नाराजगी को सुलझाने में जुटी है, वहीं भाजपा ने एंटी इनकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर को बेअसर करने के लिए व्यापक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। निरंतर दूसरे कार्यकाल में सरकार चला रही भाजपा इस बार प्रदेश की कई सीटों पर मौजूदा चेहरों को बदलकर नए, ऊर्जावान और बेदाग चेहरों को मैदान में उतारने का मन बना चुकी है।
पार्टी के आला रणनीतिकारों ने जमीनी हकीकत परखने के लिए संगठन प्रभारी राम माधव, सह प्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज की तीन सदस्यीय टीम को जिम्मेदारी सौंपी है। यह टीम प्रदेश भर का दौरा कर सीधे कार्यकर्ताओं और जनता से जमीनी फीडबैक जुटा रही है। संगठन की नजर खासकर उन युवा और महिला कार्यकर्ताओं पर है, जिनकी जनता के बीच मजबूत पकड़ है। पार्टी युवा मोर्चा सहित विभिन्न मोर्चों में सक्रिय और संघ पृष्ठभूमि से जुड़े मजबूत दावेदारों की सूची तैयार कर रही है ताकि टिकट वितरण के समय किसी भी तरह के सत्ता विरोधी असंतोष को खत्म किया जा सके।
चुनावी प्रबंधन को धार देने के लिए भाजपा जल्द ही प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की तैनाती करने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस कवायद की पुष्टि करते हुए बताया कि अक्टूबर महीने में ही इन विधानसभा प्रभारियों की घोषणा कर दी जाएगी। इन पदों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्णकालिक अनुभवी सदस्यों को तैनात किया जाएगा। यह प्रभारी बूथ स्तर तक समन्वय बनाकर प्रत्याशी चयन से लेकर पूरे चुनाव प्रबंधन की मुख्य धुरी के रूप में काम करेंगे।