नेपाल भाग रहे चोरों से आधा किलो सोना और कैश छीनकर छोड़ा, रुद्रपुर से आबकारी दरोगा समेत 4 अरेस्ट
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक पॉश आवास से हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी के मामले में बेहद हैरान करने वाला और अप्रत्याशित मोड़ सामने आया है। चोरी की वारदात को अंजाम देकर उत्तराखंड के रास्ते नेपाल भाग रहे शातिर चोरों को पकड़ने के बजाय उनसे रिश्वत और चोरी का कीमती माल वसूलने के गंभीर आरोप में आबकारी विभाग के एक दरोगा सहित चार कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस की विशेष टीम ने उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में दबिश देकर आबकारी दरोगा देवेंद्र कुमार, सिपाही बलजीत सिंह, उपनल संविदा कर्मी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम को दबोच लिया। हिमाचल पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी गए कुल माल का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित बरामद करने का बड़ा दावा किया है।
शिमला के घर से करोड़ों उड़ाकर कार से नेपाल भाग रहे थे नौकरानी और साथी
मामले का ब्योरा देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिमला स्थित एक घर में घरेलू सहायिका (नौकरानी) के रूप में काम करने वाली नेपाल निवासी करिश्मा ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से घर में रखी करोड़ों की नकदी, जेवरात और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया था। वारदात के तुरंत बाद आरोपी एक कार में सवार होकर उत्तराखंड के रास्ते अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल भागने की फिराक में थे। इसी क्रम में 8 सितंबर को रुद्रपुर के निकट रामपुर बॉर्डर चेकपोस्ट पर आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम वाहनों की नियमित चेकिंग कर रही थी। तलाशी के दौरान आबकारी कर्मियों ने संदिग्ध कार को रुकवाया, जिसमें महिला करिश्मा अपने साथी के साथ सवार थी और गाड़ी की पिछली सीट पर एक टूटी हुई तिजोरी रखी मिली।
टूटी तिजोरी देखकर डरे चोर, आबकारी टीम ने आधा किलो सोना और 80 हजार लेकर छोड़ा
गाड़ी में टूटी तिजोरी और भारी मात्रा में जेवरात देखकर जब आबकारी टीम ने सख्ती से पूछताछ की, तो पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपी घबरा गए। आरोप है कि कानूनन पुलिस को सूचित करने और आरोपियों को हिरासत में सौंपने के बजाय आबकारी टीम के सदस्यों की नीयत डोल गई। मौके पर मौजूद दरोगा और अन्य कर्मियों ने दबाव बनाकर आरोपियों से करीब आधा किलो सोना और 80 हजार रुपये की नकदी छीन ली और बाकी माल के साथ उन्हें नेपाल सीमा की ओर जाने के लिए छोड़ दिया। यह पूरा सौदा बिना किसी आधिकारिक लिखा-पढ़ी के रफा-दफा कर दिया गया था।
नेपाल पहुंचकर महिला ने किया खुलासा, हिमाचल पुलिस ने रुद्रपुर से दबोचा
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब नेपाल सुरक्षित पहुंचने के बाद करिश्मा ने शिमला स्थित उसी घर के मालिक से संपर्क साधा जहां उसने चोरी की थी और रास्ते में आबकारी टीम द्वारा सोना और नकदी लूटे जाने की पूरी कहानी बता दी। पीड़ित गृहस्वामी ने तत्काल इस गोपनीय जानकारी को हिमाचल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा किया। तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल जुटाने के बाद हिमाचल पुलिस की टीम ने रुद्रपुर में छापेमारी की और चारों आरोपी कर्मियों—दरोगा देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मी पप्पू लाल और पीआरडी कर्मी नईम—को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। हिमाचल पुलिस अब कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से मुख्य आरोपी करिश्मा और उसके फरार साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर रही है।