बच्चों की जान से खिलवाड़ पड़ेगा भारी! परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन: 65 स्कूल बस चालान, 3 सीज
हरिद्वार में स्कूली बच्चों की सड़कों पर सुरक्षित आवाजाही को लेकर परिवहन विभाग अब पूरी तरह से 'ऑन एक्शन' मोड़ में आ गया है। बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वाले स्कूल प्रबंधनों और वाहन चालकों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग द्वारा चलाया जा रहा विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार तीसरे दिन भी पूरे तेवर के साथ जारी रहा। सड़क पर दौड़ती स्कूल बसों की अचानक शुरू हुई इस सघन चेकिंग से नियम दरकिनार करने वाले वाहन चालकों और स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
एआरटीओ के नेतृत्व में सड़कों पर उतरी टीम, सुरक्षा मानकों की हुई कड़ी जांच
परिवहन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। विभागीय टीम ने अलसुबह से ही शहर के प्रमुख मार्गों और शैक्षणिक संस्थानों के बाहर अचानक नाकेबंदी कर बसों और स्कूली वैनों को रोककर उनका निरीक्षण शुरू कर दिया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहनों के कागजात ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े मानकों को बारीकी से परखा। इसमें वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र, रूट परमिट, चालक का कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस, बस के भीतर अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) की स्थिति, फर्स्ट एड किट (प्राथमिक उपचार सामग्री), महिला अटेंडेंट की मौजूदगी, इमरजेंसी एग्जिट और गाड़ियों की यांत्रिक स्थिति (ब्रेक, टायर, लाइट आदि) शामिल रहे।
बिना फिटनेस और रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थीं बसें, 3 वाहन सीज और 65 के चालान
निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली कमियां सामने आईं। सुरक्षा नियमों को ठेंगा दिखाकर सड़कों पर दौड़ रहे 65 स्कूली वाहनों के मौके पर ही चालान काटे गए। वहीं विभागीय टीम ने बेहद सख्त कदम उठाते हुए 3 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया। इनमें से दो स्कूल बसें बिना किसी वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के बच्चों को ढो रही थीं, जबकि एक बस का तो रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) तक नहीं पाया गया।
कार्रवाई के दौरान परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, परिवहन कर अधिकारी मुकेश भारती और परिवहन उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार भी अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे और एक-एक वाहन के तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की।