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हरिद्वार में रिश्तों का कत्ल: चाची के रेप-मर्डर में जेल गया दरिंदा छूटते ही अपनी 9 साल की बेटी पर झपटा

उत्तराखंड के धार्मिक शहर हरिद्वार से इंसानियत और पवित्र पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह से शर्मसार कर देने वाला एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी पिता ने रिश्तों की मर्यादा को इस कदर तार-तार कर दिया कि सुनने वालों की रूह कांप उठी। कुछ साल पहले अपनी ही सगी चाची के साथ बलात्कार और फिर उसकी बेरहमी से हत्या करने के संगीन जुर्म में जेल की सलाखों के पीछे बंद यह दरिंदा जैसे ही जेल से बाहर आया, उसने अपनी ही 9 साल की मासूम सगी बेटी पर गंदी नजर डाल दी। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पिता को सख्त सजा सुनाई है, जिसने समाज के सामने एक कड़ा संदेश दिया है।

कई रातों तक मासूम बेटी से करता रहा गंदा काम, मां ने चंगुल से छुड़ाकर बचाई जान

इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की लाचार मां ने हिम्मत जुटाकर पुलिस के सामने अपने पति की इस घिनौनी करतूत की पूरी सच्चाई बयां की। पीड़िता की मां द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के अनुसार, जेल से छूटने के बाद से ही उसका पति कई रातों तक लगातार अपनी ही मासूम बच्ची के साथ जबरन गंदा काम और दुष्कर्म करने की नाकाम कोशिशें करता आ रहा था। शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने अदालत को बताया कि 7 अक्टूबर 2022 से ही हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली इस अबोध किशोरी का उसके अपने ही घर में पिता द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था। जब भी मासूम इसका विरोध करती, तो आरोपी हैवानियत पर उतारू हो जाता था।

शोर सुनकर दौड़ी मां, दरिंदे पति ने पत्नी को दी जान से मारने की खौफनाक धमकी

पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर एक दिन अपनी मां को रोते हुए पिता की सारी आपबीती और गंदी हरकतों के बारे में विस्तार से बता दिया। मासूम ने बताया कि उसका पिता गलत नीयत से उसके साथ छेड़खानी और दुष्कर्म की कोशिश करता है और एक रात तो उसने भागकर बमुश्किल अपनी जान बचाई थी। जब शिकायतकर्ता मां ने अपने पति की इस घिनौनी और शर्मनाक हरकत का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी पति ने सुधरने के बजाय अपनी ही पत्नी को बेरहमी से पीटा, उसे भद्दी-भद्दी गालियां दीं और जुबान खोलने पर जान से मारने की खौफनाक धमकी तक दे डाली। हाल ही में एक रात जब आरोपी ने दोबारा मासूम के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया, तो बेटी की चीख-पुकार और शोर सुनकर उठी मां ने अपनी जान पर खेलकर बड़ी मुश्किल से बेटी को उस दरिंदे के चंगुल से छुड़ाया।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज चंद्रमणि राय का बड़ा फैसला, 10 साल की कैद और जुर्माना

इस संवेदनशील और घिनौने मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए हरिद्वार की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत के अपर जिला जज (ADJ) चंद्रमणि राय ने आरोपी पिता को अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के प्रयास और पत्नी को जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में पूरी तरह दोषी करार दिया है। विशेष अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कलयुगी पिता को 10 वर्ष के कठोर कारावास (कैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 10,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी पिता द्वारा जुर्माने की यह राशि समय पर जमा नहीं की जाती है, तो उसे एक महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।

लॉकडाउन में पैरोल पर बाहर आते ही बदला रंग, चाची के मर्डर का क्रिमिनल बैकग्राउंड आया सामने

अदालत के सामने सरकारी पक्ष द्वारा दोषी पिता के बेहद डरावने और आपराधिक इतिहास (Criminal History) का भी पूरा कच्चा चिट्ठा खोला गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस कलयुगी पिता पर पहले से ही अपने पड़ोस में रहने वाली सगी चाची के साथ जबरन बलात्कार करने और पहचान छुपाने के लिए उसकी निर्मम हत्या करने का एक बेहद गंभीर मुकदमा चल रहा था। कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन में वह किसी तरह जेल से पैरोल या जमानत पर बाहर आया था। लेकिन जेल से बाहर आते ही इस आदतन अपराधी की फितरत नहीं बदली और उसने समाज में सुधरने के बजाय अपने ही घर की मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश शुरू कर दी। सरकारी पक्ष ने अदालत में कुल 8 मजबूत गवाह, कोर्ट की ओर से 1 और बचाव पक्ष की ओर से गवाह पेश किए, जिसके बाद अदालत ने इस ऐतिहासिक सजा का ऐलान किया।

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