पीसीएस अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने जन्मदिन पर रचा अनोखा इतिहास
सरकारी सेवा और प्रशासनिक महकमों में काम करने वाले अधिकारियों की जीवनशैली को आम तौर पर एसी कमरों, फाइलों के ढेर और सरकारी गाड़ियों की भागदौड़ तक ही सीमित माना जाता है, जहां अक्सर शारीरिक फिटनेस और रोमांच के लिए बहुत कम समय मिल पाता है। लेकिन उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों से समय-समय पर ऐसे ऊर्जावान और लीक से हटकर सोचने वाले अधिकारी सामने आते हैं जो अपनी कार्यशैली के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत जीवन के अभियानों से भी समाज को एक नया संदेश देते हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड प्रशासनिक सेवा (PCS) के एक बेहद लोकप्रिय और ऊर्जावान अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने अपने जीवन के 51वें जन्मदिन को सेलिब्रेट करने के लिए एक ऐसा साहसिक और अनूठा रास्ता चुना, जिसने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हर किसी को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। अधिकारी ने किसी आलीशान होटल या पारंपरिक पार्टी में केक काटकर जन्मदिन मनाने के बजाय प्रकृति की गोद में स्थित पहाड़ियों के बीच अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता की एक ऐसी कठिन परीक्षा ली, जो हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
पहाड़ों के बीच 51वें जन्मदिन पर 51 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा: बिना थके तय किया दुर्गम रास्तों का सफर
जब शैलेंद्र सिंह नेगी के जीवन का 51वां वर्ष शुरू हुआ, तो उन्होंने इसे बेहद खास और यादगार बनाने के लिए किसी सामान्य जश्न के बजाय पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ और चुनौतीपूर्ण पगडंडियों पर पैदल चलने का कठिन संकल्प लिया। अपनी इस योजना के तहत उन्होंने अपने जन्मदिन के खास मौके पर सुबह तड़के ही पहाड़ों की गोद में 51 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा (Trekking) की शुरुआत कर दी, जिसे पूरा करने में उन्हें घंटों का कठिन परिश्रम करना पड़ा। पहाड़ी इलाकों के ऊंचे-नीचे रास्ते, सांस को रोक देने वाली चढ़ाइयां और मौसम की तमाम बाधाएं भी उनके इस बुलंद हौसले और दृढ़ संकल्प को डिगा नहीं पाईं। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होने के बावजूद इस प्रकार का शारीरिक श्रम और अनुशासन यह साबित करता है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। उनके साथ चल रहे कुछ करीबी साथियों और स्थानीय पर्वतारोहियों ने भी इस अभियान में उनका पूरा साथ दिया, और जब उन्होंने निर्धारित 51 किलोमीटर की दूरी को सफलतापूर्वक पूरा किया, तो हर कोई उनके इस स्टैमिना को देखकर हैरान रह गया।
इस अनोखे अभियान के पीछे की मुख्य वजह: फिटनेस, पर्यावरण जागरूकता और युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश
आम जनता और मीडिया के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर एक जिम्मेदार पीसीएस अधिकारी को अपने जन्मदिन पर इस तरह का कष्टदायक और कठिन 51 किलोमीटर का पैदल सफर तय करने की प्रेरणा कहां से मिली। इसके पीछे अधिकारी का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी और समाज के सामने फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और मानसिक दृढ़ता का एक बड़ा उदाहरण पेश करना था। उनका यह मानना है कि आज के दौर में जिस तरह से लोग खासकर युवा तकनीक और आरामदायक जीवनशैली के आदी होते जा रहे हैं, उससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, और ऐसे में शारीरिक श्रम तथा प्रकृति के करीब रहना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, पहाड़ों की सैर करते हुए उन्होंने स्थानीय पर्यावरण, वहां की समस्याओं और स्वच्छता के संदेश को भी आम जनमानस तक पहुंचाने का काम किया। उनका यह मानना है कि जब प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग खुद इस प्रकार के साहसिक और सकारात्मक अभियानों में आगे आते हैं, तो समाज में एक बहुत ही मजबूत और प्रेरणादायक संदेश जाता है कि स्वस्थ शरीर और मजबूत इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई अधिकारी की यह अनूठी कहानी, हर तरफ हो रही है जमकर तारीफ
जैसे ही पीसीएस अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी के इस 51 किलोमीटर लंबे पहाड़ी पैदल सफर और उनके 51वें जन्मदिन की यह कहानी सोशल मीडिया पर साझा हुई, वह जंगल की आग की तरह फैल गई। लोग उनकी इस फिटनेस, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ उनके इस साहसिक अंदाज की जमकर सराहना कर रहे हैं और उन्हें जन्मदिन की बधाइयां दे रहे हैं। प्रशासनिक महकमे में भी उनके इस कदम को एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जहां अधिकारी केवल फाइलों तक सीमित न रहकर जनता और प्रकृति के साथ सीधे जुड़ाव महसूस करते हैं। अंततः, शैलेंद्र सिंह नेगी का यह जन्मदिन का जश्न यह सिखाता है कि जीवन में खुशियां मनाने और खुद को साबित करने के कई अनूठे तरीके हो सकते हैं, बस जरूरत है तो एक मजबूत इरादे और कुछ अलग कर दिखाने की सोच की।