महाकुंभ से पहले हरिद्वार में 24 घंटे काम की तैयारी, अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश

महाकुंभ से पहले हरिद्वार में 24 घंटे काम की तैयारी, अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश

हरिद्वार में आगामी महाकुंभ की भव्य तैयारियों के तहत बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने का काम अब निर्णायक और समयबद्धता की कसौटी पर आ चुका है। सड़कों, नए पक्के घाटों, पुलों और गंग नहर से जुड़ी तमाम विकास परियोजनाओं को मेले के विधिवत शुभारंभ से पहले शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी सिलसिले में आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने हरिद्वार पहुंचकर विभिन्न प्रमुख निर्माणाधीन विकास कार्यों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया और कार्य प्रगति की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

चंडी चौक और एडमिन रोड पर बॉक्स कलवर्ट पुल का निरीक्षण, संसाधन बढ़ाने के निर्देश

कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए संपर्क मार्ग और यातायात प्रबंधन प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मंडलायुक्त ने एडमिन रोड और चंडी चौक के समीप तेजी से बनाए जा रहे बॉक्स कलवर्ट पुल के निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। कार्यस्थल पर मौजूद कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों और अधिकारियों से उन्होंने प्रगति रिपोर्ट, मैनपॉवर और तकनीकी मशीनरी की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की। मंडलायुक्त ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त श्रमशक्ति (लेबर) और आधुनिक मशीनें लगाकर कार्य की गति को दोगुना किया जाए, ताकि ट्रैफिक डायवर्जन में कोई बाधा न आए।

अमरापुर और साक्षी सतनाम घाट: नए स्नान घाटों के निर्माण पर विशेष फोकस

श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्नान की सुविधा मुहैया कराने के लिए अमरापुर घाट और साक्षी सतनाम घाट के समीप नए स्नान घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। कमिश्नर ने घाट निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तय समयसीमा की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन घाटों का डिजाइन और क्षमता इस तरह सुनिश्चित की जाए कि कुंभ के प्रमुख शाही स्नानों के दौरान श्रद्धालुओं को सुगमता मिले और स्थानीय जनता को भी दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हो सके।

गंग नहर क्लोजिंग अवधि का अधिकतम उपयोग करने की रणनीति

कुंभ से संबंधित जल प्रबंधन और नहर किनारे के निर्माण कार्यों में गंग नहर की वार्षिक क्लोजिंग अवधि बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि नहर में पानी बंद होने की इस सीमित अवधि में काम करने के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि क्लोजिंग शुरू होने से पहले ही जरूरी निर्माण सामग्री, डंपर, कंक्रीट मिक्सर और श्रमशक्ति की पूरी व्यवस्था कर ली जाए, ताकि पानी बंद होते ही बिना किसी देरी के 24 घंटे काम शुरू किया जा सके और समय का अधिकतम सदुपयोग हो।

निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई

कुंभ मेला प्रशासन के सामने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ-साथ उनके टिकाऊपन और उच्च गुणवत्ता को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने दो टूक चेतावनी दी कि किसी भी सूरत में निर्माण की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यदि बजट, अनुमति या संसाधनों से जुड़ी कोई भी अड़चन सामने आती है, तो उसका तत्काल उच्च स्तर पर समाधान कराया जाए, लेकिन समयसीमा में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।