प्रधानमंत्री मोदी और सीएम धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में पर्यटन की नई उड़ान

प्रधानमंत्री मोदी और सीएम धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में पर्यटन की नई उड़ान

देवभूमि उत्तराखंड की आबोहवा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था के केंद्र पूरी दुनिया में हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जिस रफ्तार से यहां पर्यटन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, उसने इसे एक नई वैश्विक पहचान दिला दी है। राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड पर्यटन आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे ठोस कदमों, बेहतर बुनियादी ढांचे और तीर्थाटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को दिए जा रहे प्रोत्साहन के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस आलेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे डबल इंजन सरकार की नीतियों और योजनाओं के चलते उत्तराखंड ग्लोबल टूरिज्म के नक्शे पर सबसे चमकता हुआ सितारा बनकर उभर रहा है और इससे स्थानीय युवाओं तथा अर्थव्यवस्था को कितना बड़ा संबल मिल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मार्गदर्शन से कैसे बदली उत्तराखंड की पर्यटन तस्वीर

किसी भी राज्य या देश की आर्थिकी और वैश्विक पहचान में पर्यटन क्षेत्र रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है, और जब देश के शीर्ष नेतृत्व की विशेष कृपा किसी राज्य पर हो, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड के साथ एक आत्मिक और विशेष लगाव रहा है, जिसका प्रमाण समय-समय पर उनके द्वारा शुरू की गई मास्टर प्लान परियोजनाओं और चारधाम महामार्ग विकास परियोजनाओं के रूप में देखने को मिलता है। प्रधानमंत्री के इसी सशक्त विजन के कारण आज केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुनरुद्धार कार्य भव्य रूप ले चुका है, जिससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिल रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री द्वारा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (Vibrant Village Programme) के तहत सीमावर्ती गांवों को पर्यटन के मानचित्र पर लाने की जो पहल की गई है, उसने देश के अंतिम गांवों को अब देश का पहला गांव बनाकर पर्यटन विकास की एक नई इबारत लिख दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में धरातल पर उतर रही हैं पर्यटन की महत्वाकांक्षी योजनाएं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की कमान संभालते ही पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य के दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार ने होमस्टे योजना (Homestay Policy) को जिस प्रकार बढ़ावा दिया है, उससे न केवल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और खान-पान का अनूठा अनुभव मिल रहा है, बल्कि पहाड़ों से होने वाले पलायन पर भी बहुत हद तक लगाम लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवा अब अपने ही गांवों में रहकर होमस्टे चलाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इसके साथ ही, शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने, मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत प्राचीन पौराणिक मंदिरों का जीर्णोद्धार करने और साहसिक खेलों जैसे रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और स्कीइंग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे तैयार करने में धामी सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों से देश-विदेश में बढ़ रहा है उत्तराखंड का सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव

राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उत्तराखंड में केवल पारंपरिक तीर्थाटन तक सीमित न रहकर वेलनेस टूरिज्म, इको-टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म को भी युद्ध स्तर पर बढ़ावा दिया जाए। उनके मंत्रालय के अथक प्रयासों से प्रदेश में कई नए पर्यटन सर्किट विकसित किए गए हैं, जिससे पर्यटकों को एक ही यात्रा में कई खूबसूरत और ऐतिहासिक स्थलों को देखने का अवसर मिल रहा है। मंत्री सतपाल महाराज का यह मानना है कि उत्तराखंड के पास प्राकृतिक संपदा का जो अथाह भंडार है, यदि उसका सदुपयोग पूरी पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण के नियमों के तहत किया जाए, तो यह राज्य दुनिया का नंबर एक पर्यटन गंतव्य बन सकता है। देश और विदेश के बड़े निवेशकों को उत्तराखंड में होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन आधारित उद्योगों में निवेश करने के लिए आकर्षित करने में पर्यटन विभाग ने हाल के वर्षों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रही है मजबूती और रोजगार के नए अवसरों से संवर रहा युवाओं का भविष्य

पर्यटन के इस चौतरफा विकास का सबसे बड़ा और सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड के आम जनजीवन, स्थानीय कारीगरों, होमस्टे संचालकों और युवा उद्यमियों पर पड़ रहा है। जब देश-विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय स्थलों का रुख करते हैं, तो स्थानीय स्तर पर टैक्सी चालकों, होटल व्यवसायियों, हस्तशिल्प बेचने वालों और गाइडों के लिए रोजगार के अनगिनत दरवाजे खुल जाते हैं। सरकार की कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को आतिथ्य सत्कार (Hospitality) की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सेवाएं प्रदान कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी के संयुक्त मार्गदर्शन में उत्तराखंड का पर्यटन क्षेत्र अब केवल सैर-सपाटे का साधन नहीं रहा, बल्कि यह राज्य की आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा मजबूत स्तंभ बन चुका है, जो आने वाले समय में देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।