उत्तराखंड मौसम अपडेट: प्रदेश भर में अगले 4 दिन खिली रहेगी सुहानी धूप
देवभूमि उत्तराखंड के मौसम में एक बार फिर से दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम ने पूरी तरह से करवट ले ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, राज्य भर में अगले चार दिनों तक आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और चटख धूप खिली रहने की पूरी संभावना है। दिन के समय तेज धूप खिलने से लोगों को हल्की गर्मी का अहसास हो सकता है, लेकिन सुबह और शाम के वक्त तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठिठुरन बढ़ने लगी है। हालांकि, मौसम विभाग का यह भी अनुमान है कि यह राहत बहुत लंबी नहीं है, क्योंकि आगामी 23 और 24 अक्टूबर को राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है और कई जिलों में बर्फबारी की शुरुआत हो सकती है।
अगले 4 दिनों तक कैसा रहेगा मैदानी और पर्वतीय इलाकों का मौसम?
उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल और हल्द्वानी जैसे मैदानी इलाकों में अगले चार दिनों तक सुबह से ही चमकदार धूप खिलने की उम्मीद है। बारिश की कोई संभावना न होने के कारण दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है, जिससे बाजारों में त्योहारी खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। दूसरी ओर, पर्वतीय जनपदों जैसे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और पौड़ी गढ़वाल में भी मौसम सुहाना और शुष्क बना रहेगा। धूप खिलने से पर्यटकों को घूमने-फिरने में कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन जैसे ही शाम ढलेगी, पहाड़ी हवाओं के कारण पारे में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्तूबर महीने के अंत तक राज्य में ठंड अपने पूरे तेवर दिखाना शुरू कर देगी, जिसकी शुरुआत इन पहाड़ी रातों की सिहरन से हो चुकी है।
23 और 24 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में करवट लेगा मौसम
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में सर्दी का अहसास और गहराने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 23 और 24 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले शिखरों पर हल्की बर्फबारी होने के आसार बन रहे हैं। इन दो दिनों में आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऊंचाई वाले इन धामों में तापमान शून्य के करीब पहुंच सकता है। इस मौसम बदलाव के कारण मैदानी इलाकों में भी अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे दीपावली से पहले गुलाबी ठंड का असली दौर शुरू हो जाएगा।
किसानों और पर्यटकों के लिए मौसम विभाग की विशेष सलाह और निर्देश
मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों और जिला प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिन किसानों की फसलें अभी खेतों में पककर तैयार हैं या जिनकी कटाई चल रही है, उनके लिए अगले चार दिन यानी धूप खिलने का यह समय बेहद अनुकूल है। वे अपनी फसलों को सुरक्षित समेट सकते हैं, क्योंकि 23-24 अक्टूबर के बाद मौसम के करवट बदलने से पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी या पाला पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा, उत्तराखंड घूमने आ रहे पर्यटकों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सलाह दी गई है कि वे अपने साथ पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े जरूर रखें, क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक चलने वाली ठंडी हवाएं और बर्फबारी का यह पहला दौर उनके सफर को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर, यह हफ्ता धूप और हल्की ठंड के बेहतरीन संतुलन वाला रहने वाला है, जो देवभूमि की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है।