Up Kiran, Digital Desk: शराब पीने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। अब राजधानी दिल्ली में शराब की कमी और दुकानों पर पसंदीदा ब्रांड का न मिलना जैसी समस्याओं से जल्द ही मुक्ति मिल सकती है। दिल्ली सरकार एक नई मादक द्रव्य नीति बना रही है, जिसका प्रमुख लक्ष्य शराब के विक्रय को पारदर्शी और पूरी तरह से डिजिटल बनाना है।
नई योजना की विशेषताएँ
सरकार ने इस योजना का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेष समूह का गठन किया है। इस समूह का कार्य राजधानी में शराब की उपलब्धता को 'डाटा-आधारित' और 'ग्राहक अनुकूल' बनाना है। जानकारी के अनुसार नई नीति में तकनीकी उपायों का उपयोग कर पुरानी व्यवस्था की खामियों को ठीक किया जाएगा।
प्री-बुकिंग और मोबाइल एप की सुविधा
नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एक विशेष मोबाइल एप हो सकता है। इस एप के माध्यम से ग्राहक अपने नजदीकी शराब विक्रेता पर अपनी पसंदीदा शराब का स्टॉक चेक कर सकेंगे। वे लोकप्रिय ब्रांड्स की प्री-बुकिंग भी कर सकेंगे, ताकि दुकान पहुंचने पर उन्हें निराशा का सामना न करना पड़े। एप पर दुकानों की लोकेशन मैप भी होगी, जिससे ग्राहकों को पास की दुकानों के उपलब्ध स्टॉक की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
सरकार करेगी मांग की निगरानी
नई नीति में डाटा ट्रैकिंग का भी प्रावधान है। यदि ग्राहक किसी विशेष ब्रांड को एप पर सर्च करते हैं और वह उपलब्ध नहीं होता, तो इसकी जानकारी सीधे सरकार को भेजी जाएगी। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा ब्रांड अधिक मांग में है, और उसी के आधार पर दुकानों को स्टॉक पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
जनवरी 2026 में ड्राफ्ट जारी हो सकता है
सूत्रों के अनुसार इस नई नीति का मसौदा जनवरी 2026 तक जनता के सामने आ सकता है। सरकार इस पर लोगों की राय और सुझाव मांगेगी, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस नीति में ग्राहकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक अलग Grievance Redressal Section भी शामिल होगा।
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