रामनगरी अयोध्या में आज बनेगा विश्व कीर्तिमान, एक साथ जलेंगे करीब छह लाख दीप, जानें कैसी है तैयारी

राज्यपाल और मुख्यमंत्री रामलला के दरबार में दीप जलाकर करेंगे दीपोत्सव का आगाज, रघुनंदन के स्वागत को सज गया अयोध्याधाम, साढ़े तीन बजे उतरेगा पुष्पक विमान, दो दिन से अवधपुरी में हो रहा त्रेता युग का अहसास, सरयू की लहरें भी करा रहीं आभास, दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर जगमग हुए सभी पौराणिक स्थल, ग्रामीणों में भी जबरदस्त उल्लास

अयोध्या। भगवान श्रीराम के स्वागत को अयोध्याधाम सजकर तैयार है। लंका विजय के बाद उनके अयोध्या आगमन पर दिव्य दीपोत्सव का आयोजन होगा। एक साथ करीब छह लाख दीपों के जलने का विश्व कीर्तिमान बनेगा। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला के दरबार में दीप जलाकर दीपोत्सव का आगाज करेंगे।
Ayodhya Deepotsav today
अवधपुरी के सभी पौराणिक स्थल दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर ही रोशन कर दिए गए। मठ, मंदिर, सरकारी इमारतें और विद्याालय, सड़कें और चैराहे भी दीपों और बिजली के झालरों से जगमगा रहे हैं। समूचे अयोध्या में राम धुनि का संचार हो रहा है। जगह-जगह एलईडी वैन से लगातार रामायण का प्रसारण किया जा रहा है।
रघुनंदन के आगमन को लेकर समूची अवधपुरी गद्गद है। यहां के वासी भावविह्वल हैं। आस-पास के ग्रामीणों में भी हर्ष और उल्लास का माहौल है। पिछले दो दिन से अयोध्याधाम में त्रेता युग का अहसास हो रहा है। सरयू की लहरें भी अपने राम के स्वागत में हिलोरे मार रही हैं। ऐसा हो भी क्यों न। करीब पांच सौ साल बाद श्रीराम मंदिर बनना शुरु हुआ है और निर्माण कार्य के शुरुआत के बाद यह पहली दिवाली है।

साढ़े तीन बजे उतरेगा पुष्पक विमान

लंका विजय के बाद जगत जननी मां सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान श्रीराम को लेकर पुष्पक विमान के रुप में हेलीकाप्टर अयोध्याधाम में उतरेगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभु राम के स्वरुपों की अगवानी करेंगे।
दीपोत्सव में भाग लेने के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री आज अपराह्न करीब तीन बजे ही अयोध्या पहुंच जाएंगे। सबसे पहले वे लोग रामजन्मभूमि जाकर रामलला की पूजा-अर्चना करेंगे और उनके सम्मुख दीप जलाकर रामकथा पार्क पहुंचकर श्रीराम के स्वरुपों की अगवानी करेंगे और उन्हें रामकथा पार्क के मंच पर लेकर आएंगे। वहां अपराह्न 3.50 से शाम 5.30 बजे तक भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक समारोह होगा। इस दौरान राज्यपाल व मुख्यमंत्री भगवान का राजतिलक करेंगे। फिर दोनों लोग मां सरयू की आरती करते हुए शाम छह बजे दीपोत्सव के लिए रामपैड़ी पधारेंगे। यहां से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल वापस लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगी, जबकि मुख्यमंत्री योगी करीब 7.20 बजे दोबारा रामकथा पार्क जाएंगे और रामलीला के मंचन का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री अयोध्या में ही रात्रि विश्राम करेंगे और दूसरे दिन हनुमानगढ़ी में दर्शन कर गोरखपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

तैयारियां पूरी, सज गया अयोध्याधाम

दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में कई दिनों से चल रही तैयारी पूरी हो गई हैं। धर्मनगरी की सड़कें और गलियां सब जगमग हैं। रामलला के गर्भगृह को फूलों से सजाया गया है। जगह-जगह सजी रंगोली अवधी संस्कृति को बयां कर रही है। सरयू का तट भी प्रकाश से आलोकित हो रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने महापौर रिषिकेश उपाध्याय और जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के साथ गुरुवार का यहां पहुंचकर तैयारियों का पूरा जायजा लिया। दीपों को जलाने के लिए लगे स्वयंसेवकों से भी मुलाकात की। दीपोत्सव को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करने के लिए गिनीज बुक की टीम भी अयोध्या पहुंच चुकी है।

रघुनंदन के स्वागत को विखरेगी संस्कृतियों की सतरंगी छटा

रघुनंदन के स्वागत को आज अयोध्या में संस्कृतियों की सतरंगी छटा विखरेगी। एक दो नहीं, गुजरात से लेकर बुंदेलखण्ड तक सात अनूठी संस्कृतियों के दर्शन सरयू तट पर आज एक साथ होंगे। योगी सरकार ने दीपोत्सव को खास बनाने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखण्ड, ब्रज और बुंदेलखण्ड के लोक कलाकारों के साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी अयोध्या बुलाया है। कलाकारों की टोली अयोध्या पहुंच चुकी है और सभी तैयारियों में जुट गए हैं। रामकथा पार्क में देश भर के कलाकार आज अपने-अपने हुनर का प्रदर्शन करेेंगे।

सत्ता संभालते ही योगी ने शुरु की दीपोत्सव की परंपरा

उप्र की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में अयोध्या में दीपोत्सव के रुप त्रेतायुग जैसी दिवाली मनाने की परंपरा शुरु की थी। इस बार चौथा साल है। इन चार वर्षों में दीपों की संख्या में लगभग चार गुना की वृद्धि हुई है। अबकी दीपोत्सव पर पांच लाख 51 हजार जलेंगे। वैसे इस अवसर पर समूची अयोध्या छह लाख से अधिक दीपों से जगमगाएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने 2017 में जब अयोध्या में दीपोत्सव मनाने की शुरुआत की थी, उस समय वहां एक लाख 65 हजार दीप जले थे। वहीं वर्ष 2018 में तीन लाख 150 दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बना। इसके बाद 2019 में 5 लाख 51 हजार दीप जलाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

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