38 साल पुराना मंदिर... 18 करोड़ की बोली! UK में मस्जिद प्रोजेक्ट के लिए हिंदू मंदिर बेचने पर छिड़ी जंग, गूंजे 'जय श्री राम' के नारे

38 साल पुराना मंदिर... 18 करोड़ की बोली! UK में मस्जिद प्रोजेक्ट के लिए हिंदू मंदिर बेचने पर छिड़ी जंग, गूंजे 'जय श्री राम' के नारे

ब्रिटेन (United Kingdom) के लीसेस्टर (Leicester) शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वहां रहने वाले प्रवासी हिंदू समुदाय के बीच आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। यहां स्थित लगभग 38 साल पुराने एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को एक मस्जिद और इस्लामिक सेंटर प्रोजेक्ट के लिए करीब 18 करोड़ रुपये (£1.7 मिलियन पाउंड) में बेचने का सौदा किया गया है। जैसे ही इस गुपचुप सौदे की खबर सार्वजनिक हुई, स्थानीय सनातनी समाज में गुस्सा फूट पड़ा। मंदिर को बचाने और इस बिक्री के फैसले का विरोध करने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग मंदिर परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए। हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारे लगाते हुए इस पूरी प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

क्या है इस 38 साल पुराने हिंदू मंदिर का इतिहास?

यह पूरा विवाद लीसेस्टर के रशमीड इलाके में स्थित 'सनातन धर्म मंदिर' से जुड़ा हुआ है। यह मंदिर पिछले करीब 38 वर्षों से स्थानीय हिंदू कम्युनिटी की आस्था और संस्कृति का एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। साल 1980 के दशक के उत्तरार्ध में स्थापित इस मंदिर में न केवल नियमित पूजा-अर्चना होती थी, बल्कि यह भारतीय मूल के लोगों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी मुख्य अड्डा था।

इस मंदिर का संचालन एक स्थानीय कम्युनिटी ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा था। मंदिर की जमीन और इसकी भव्य इमारत की ऐतिहासिक अहमियत के कारण ही लोग इससे भावनात्मक रूप से बेहद गहराई से जुड़े हुए हैं।

18 करोड़ की बोली और मस्जिद प्रोजेक्ट का विवाद

मामले ने तूल तब पकड़ा जब मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर यह आरोप लगा कि उन्होंने स्थानीय समुदाय और भक्तों को विश्वास में लिए बिना, इस बेशकीमती धार्मिक संपत्ति को बेचने के लिए निविदाएं (Tenders) आमंत्रित कीं। इस दौरान एक स्थानीय इस्लामिक संस्था ने इस जगह पर एक भव्य मस्जिद, मदरसा और कम्युनिटी सेंटर बनाने के प्रोजेक्ट के लिए लगभग 18 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई।

आरोप है कि ट्रस्ट ने इस भारी-भरकम राशि के लिए सौदे को मंजूरी दे दी। जैसे ही भक्तों को पता चला कि उनकी आस्था का केंद्र अब हमेशा के लिए बंद होने जा रहा है और इस जगह का धार्मिक स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है, लोगों का सब्र का बांध टूट गया।

सड़कों पर उतरा हिंदू समाज, 'जय श्री राम' के नारों से गूंजा ब्रिटेन

इस फैसले के खिलाफ लीसेस्टर के साथ-साथ लंदन और अन्य शहरों से भी हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि और आम श्रद्धालु मंदिर के बाहर जुटने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रस्टियों ने निजी स्वार्थ और पैसों के लालच में आकर इतनी बड़ी सनातनी धरोहर का सौदा कर दिया।

  • आक्रोशित प्रदर्शन: मंदिर के मुख्य द्वार पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने शांतिपूर्ण लेकिन बेहद मुखर प्रदर्शन किया।

  • भजनों और नारों की गूंज: प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और 'जय श्री राम' के गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा।

  • लीगल एक्शन की तैयारी: यूके के कई प्रमुख हिंदू संगठनों ने ब्रिटिश चैरिटी कमिशन (Charity Commission) से इस सौदे की निष्पक्ष जांच करने और ट्रस्टियों के अधिकारों को सस्पेंड करने की आधिकारिक अपील की है।

तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट

लीसेस्टर शहर पहले भी कुछ वर्ष पूर्व सांप्रदायिक तनाव का गवाह रह चुका है, इसलिए ब्रिटिश पुलिस (Leicestershire Police) इस मामले को लेकर बेहद सतर्क है। मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे।

स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए मामले का हल निकालने की अपील की है। वहीं, प्रदर्शन कर रहे हिंदू भक्तों का साफ कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने 38 साल पुराने मंदिर को टूटने या बिकने नहीं देंगे और इसके लिए वे कोर्ट से लेकर सड़कों तक हर कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

 

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