यूरेनियम ला रहे बांग्लादेशी विमान को PAK एयरस्पेस में नहीं मिली एंट्री, टली सप्लाई

यूरेनियम ला रहे बांग्लादेशी विमान को PAK एयरस्पेस में नहीं मिली एंट्री, टली सप्लाई

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच हालिया कूटनीतिक रिश्तों को लेकर एक बहुत ही हैरान करने वाला और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां हमेशा भारत के खिलाफ जाकर पाकिस्तान की हमदर्दी हासिल करने की कोशिश करने वाले बांग्लादेश को आखिरकार उसी पाकिस्तान से करारा झटका मिला है। अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं और भारत विरोधी रणनीतियों के तहत पाकिस्तान के करीब जाने की फिराक में रहने वाले ढाका प्रशासन को उस वक्त तगड़ा मानसिक और कूटनीतिक आघात लगा, जब पाकिस्तान ने खुद अपने ही आसमान यानी एयरस्पेस का इस्तेमाल करने से बांग्लादेशी विमान को साफ इनकार कर दिया। यह पूरा मामला बेहद संवेदनशील परमाणु सामग्री यानी यूरेनियम की सप्लाई से जुड़ा हुआ है, जिसे एक बांग्लादेशी विमान बेहद गोपनीय तरीके से पाकिस्तान के रास्ते अपने देश लाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एन वक्त पर पाकिस्तान की तरफ से एयरस्पेस की अनुमति न मिलने के कारण इस पूरी खेप की सप्लाई फिलहाल के लिए पूरी तरह से टल गई है, जिसने दोनों देशों के बीच की तथाकथित दोस्ती की पोल खोलकर रख दी है।

परमाणु सामग्री सप्लाई पर संकट: पाकिस्तान एयरस्पेस में बांग्लादेशी विमान की नो-एंट्री

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में इस घटना की गूंज बहुत तेज सुनाई दे रही है क्योंकि जिस देश के साथ मिलकर बांग्लादेश भारत को घेरने की आए दिन रणनीति बनाता रहता है, उसी देश ने ठीक वक्त पर बांग्लादेश को बड़ा धोखा दे दिया है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यूरेनियम जैसी संवेदनशील और उच्च कोटि की रेडियोएक्टिव सामग्री को लेकर आ रहे बांग्लादेशी विमान को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की इजाजत नहीं मिलने से पूरी दुनिया के रक्षा और कूटनीति विशेषज्ञों की आंखें खुली की खुली रह गई हैं। पाकिस्तानी हुक्मरानों का यह कदम साफ तौर पर यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव, सुरक्षा के कड़े कायदे-कानून और पश्चिमी देशों की पैनी नजर के आगे पाकिस्तान ने बांग्लादेश के हितों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया और अपने निजी भू-राजनीतिक तथा सामरिक डर के चलते अपने ही दोस्त कहे जाने वाले देश के विमान को अपने आसमान से गुजरने से रोक दिया, जिससे बांग्लादेश की सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर आ गई है।

क्यों पाकिस्तान के इस धोखे से खुली बांग्लादेश की आँखें?

विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और वहां के नीति-निर्माताओं को यह मुगालता था कि भारत के साथ कड़वाहट पैदा करके यदि वे पाकिस्तान के करीब जाएंगे तो इस्लामाबाद उन्हें हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर और सामरिक मामलों में खुली छूट देगा, लेकिन इस ताजा घटनाक्रम ने उस भ्रम के गुब्बारे को हमेशा के लिए हवा में ही फोड़ दिया है। यूरेनियम जैसी सामरिक रूप से बेहद अहम सामग्री की सप्लाई का टल जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पाकिस्तान कभी भी किसी का सगा नहीं हो सकता और वह सिर्फ अपने फायदे के लिए कूटनीतिक ड्रामेबाजी करता है। जब बात देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन की आती है, तो पाकिस्तान ने बिना एक पल गंवाए बांग्लादेशी विमान को अपने एयरस्पेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिससे यह साबित हो गया कि भारत से दुश्मनी मोल लेकर पाकिस्तान की दोस्ती पाने का बांग्लादेशी सपना पूरी तरह से एक कोरा छलावा साबित हुआ है और इससे ढाका के रणनीतिकारों को एक बहुत बड़ी सीख मिली है।