क्यूबा की मुश्किलें बढ़ीं! अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध, बिजली संकट गहराने का खतरा

क्यूबा की मुश्किलें बढ़ीं! अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध, बिजली संकट गहराने का खतरा

आर्थिक बदहाली और भारी बिजली किल्लत से जूझ रहे कैरेबियाई देश क्यूबा पर अमेरिका ने एक और बड़ा आर्थिक हमला बोला है। क्यूबा की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था पर चौतरफा दबाव बढ़ाने की रणनीति के तहत अमेरिकी प्रशासन ने गुरुवार को नए सिरे से सख्त प्रतिबंधों की घोषणा कर दी।

अमेरिका द्वारा जारी इस नई ब्लैकलिस्ट में क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते फिदेल अर्नेस्टो कास्त्रो का नाम प्रमुखता से शामिल है। इसके साथ ही क्यूबा के पेट्रोलियम और ऊर्जा ढांचे के लिए रीढ़ मानी जाने वाली प्रमुख ऑयल इंडस्ट्री सप्लाई आयातक कंपनी 'अबापेट' (Abapet) को भी इन कड़े प्रतिबंधों के दायरे में खींच लिया गया है।

क्यूबा के ऊर्जा संकट को और गहरा करने की रणनीति

ब्लैकलिस्ट की गई कंपनी अबापेट क्यूबा की जर्जर बिजली उत्पादन प्रणाली को चालू रखने के लिए जरूरी तकनीकी मशीनरी, उपकरण और स्पेयर पार्ट्स का आयात करती है। प्रतिबंध मामलों के विशेषज्ञ और 'ओब्सीडियन रिस्क एडवाइजर्स' के मैनेजिंग पार्टनर ब्रेट एरिकसन ने इस पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण करते हुए बताया कि इन पाबंदियों का सीधा लक्ष्य क्यूबा के महत्वपूर्ण बिजली संयंत्रों और ऊर्जा उपकरणों के संचालन को ठप करना है, जिससे वहां पहले से मौजूद ऊर्जा संकट (Energy Crisis) और ज्यादा विकराल रूप ले सके।

क्यूबा में सत्ता परिवर्तन का अंतिम लक्ष्य

ब्रेट एरिकसन के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन क्यूबा पर अधिकतम दबाव (Maximum Pressure) बनाने की नीति पर चल रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिकी रणनीतिकार क्यूबा में संपूर्ण सत्ता परिवर्तन के अलावा किसी भी अन्य समझौते या दबाव के स्तर को स्वीकार करने को तैयार नहीं दिखते। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्यूबा के मौजूदा शासन पर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं और उनका रुख बेहद आक्रामक बना रहेगा।

प्रतिबंधों से बचने की कोशिशों से बढ़ेगी महंगाई

विशेषज्ञों का आकलन है कि इन प्रतिबंधों के लागू होने के बाद क्यूबा सरकार वैकल्पिक और पिछले दरवाजे के रास्तों की तलाश करेगी, क्योंकि बुनियादी व्यवस्था चलाए रखने के लिए उसके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। एरिकसन ने आगाह किया कि पावर ग्रिड के रखरखाव के लिए जरूरी उपकरणों को गुप्त या घुमावदार रास्तों से खरीदना बेहद खर्चीला साबित होगा। इस मजबूरी से आयात लागत कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे देश में महंगाई का नया तूफान आएगा और क्यूबा की कमजोर अर्थव्यवस्था को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।