डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, रात 12 बजे से भारत समेत 16 देशों पर लागू हुआ नया नियम

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, रात 12 बजे से भारत समेत 16 देशों पर लागू हुआ नया नियम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए भारत समेत 16 अन्य देशों से आने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत का नया आयात शुल्क (टैरिफ) लागू कर दिया है। वाशिंगटन का यह सख्त रुख वैश्विक स्तर पर जबरन श्रम (Forced Labor) के इस्तेमाल को रोकने के नाम पर अपनाया गया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर द्वारा घोषित यह आदेश नए वित्त वर्ष के महत्वपूर्ण पड़ाव पर शुक्रवार रात 12:01 बजे से प्रभावी हो गया है।

भारत को कैसे मिला 2.5% का फायदा?

दिलचस्प बात यह है कि पिछले महीने जब अमेरिका ने व्यापार अधिनियम की धारा 301 (Section 301) के तहत शुरुआती शुल्क प्रस्तावित किए थे, तब भारत पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना थी। हालांकि, नई दिल्ली की त्वरित कूटनीतिक चाल और विदेश व्यापार नीति (FTP) में किए गए तात्कालिक संशोधनों ने भारत को बड़े नुकसान से बचा लिया। भारत सरकार ने हाल ही में अपने व्यापार नियमों में बदलाव कर जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर सख्त रोक लगाई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में जारी आधिकारिक ज्ञापन में कहा, "भारत द्वारा अपनी नीतियों में किए गए प्रभावी बदलावों को ध्यान में रखते हुए व्यापार प्रतिनिधि ने मुझे सलाह दी कि इन अर्थव्यवस्थाओं पर 12.5% के बजाय 10% का टैरिफ लगाया जाए, ताकि वे ऐसे प्रतिबंधों को और अधिक मजबूती से लागू करने के लिए प्रोत्साहित हों।"

60 देशों पर गिरी गाज, चीन और जापान को 12.5% का झटका

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कुल 60 देशों पर धारा 301 के तहत नए आयात शुल्कों की घोषणा की है। ग्रीर के अनुसार, जिन देशों ने जबरन श्रम रोकने के लिए अपने कानूनों में कड़े बदलाव नहीं किए हैं—जैसे चीन, यूनाइटेड किंगडम और जापान—उन पर पूरे 12.5 प्रतिशत की दर से शुल्क ठोका गया है।

कुल 60 प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं में से भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों को 10 प्रतिशत की राहत श्रेणी में रखा गया है, जबकि बाकी 43 देशों को 12.5 प्रतिशत का भारी टैरिफ भुगतना होगा।

किन भारतीय सामानों को मिलेगी टैरिफ से छूट?

अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष शुल्क सभी वस्तुओं पर आंख मूंदकर लागू नहीं होगा। अमेरिकी अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योग को नुकसान से बचाने के लिए कुछ अहम अपवाद रखे गए हैं:

  • कच्चा माल: वह कच्चा माल जिससे अमेरिका की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।

  • अत्यावश्यक उत्पाद: वे सामान जिनसे अमेरिकी बाजार या अर्थव्यवस्था में बड़ा व्यवधान आ सकता है।

  • अद्वितीय वस्तुएं: ऐसे उत्पाद जिनका पर्याप्त मात्रा में उत्पादन स्वयं अमेरिका के भीतर संभव नहीं है।

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