डिलीवरी बॉय को OTP बताने से पहले रुकें, एक छोटी सी बेफिक्री और घर आ सकता है मौत का सामान
हर घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाला एलपीजी सिलेंडर जितना मददगार है, लापरवाही बरतने पर उतना ही खतरनाक भी साबित हो सकता है। अमूमन देखा जाता है कि लोग डिलीवरी बॉय के आते ही बिना जांच-पड़ताल किए सीधे अपने फोन पर आया ओटीपी (DAC) साझा कर देते हैं। उपभोक्ताओं की यही बेफिक्री कभी गैस चोरी, कभी ऑनलाइन धोखाधड़ी तो कभी किसी बड़े हादसे का सबब बन जाती है। अपनी सुरक्षा और जेब दोनों को सुरक्षित रखने के लिए आपको कुछ बेहद जरूरी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।
डिलीवरी के तुरंत बाद कभी न दें ओटीपी
गैस कंपनियों ने सुरक्षा और सही ग्राहक तक डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए ऑथेंटिकेशन कोड यानी डीएसी प्रणाली लागू की है। कई बार डिलीवरी कर्मचारी रास्ते से ही फोन करके आपसे यह कोड मांग लेते हैं। आपको इस बात का खास ख्याल रखना है कि जब तक सिलेंडर आपके दरवाजे पर न आ जाए और आप पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं, तब तक किसी भी हाल में ओटीपी साझा न करें। पहले कोड देने से आपके पास गलत या डिफेक्टिव सिलेंडर आने की आशंका बढ़ जाती है।
सील और वजन की जांच है आपका हक
जैसे ही सिलेंडर आपके सामने आए, सबसे पहले उसके ऊपर लगी सुरक्षा सील को ध्यान से देखें। अगर वह कहीं से कटी-फटी या ढीली दिखाई दे, तो उसे लेने से साफ मना कर दें। इसके साथ ही प्रत्येक डिलीवरी वाहन पर वजन तौलने वाली मशीन का होना अनिवार्य है। आप मौके पर ही कर्मचारी से सिलेंडर का वजन कराने को कहें। अगर वजन में कोई कमी नजर आती है, तो उस सिलेंडर को वापस कर तुरंत नया सिलेंडर मांगें।
गैस लीक न हो रही हो ये जरूर चेक कर लें
सिलेंडर को घर के अंदर रखने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि उसके वाल्व से किसी भी तरह की गैस लीक न हो रही हो। इसके लिए पानी की कुछ बूंदें वाल्व पर डालकर बुलबुलों की जांच की जा सकती है। इसके अलावा हमेशा रसीद यानी कैश मेमो पर छपे वास्तविक दाम का ही भुगतान करें। यदि कोई आपसे रसीद से ज्यादा पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसका विरोध करें और एजेंसी से इसकी शिकायत करें।
पासबुक में तारीख और एंट्री जरूर दर्ज करवाएं
यदि आपके पास रिफिल बुकिंग की भौतिक पासबुक मौजूद है, तो डिलीवरी के समय ही उसमें तारीख और एंट्री जरूर दर्ज करवाएं। यह रिकॉर्ड भविष्य में सब्सिडी या किसी अन्य विवाद के दौरान आपके पास पुख्ता सबूत के तौर पर काम आता है। किसी भी तरह की धांधली, कम वजन या बदसलूकी की स्थिति में आपको तुरंत संबंधित गैस प्रदाता कंपनी के हेल्पलाइन नंबर या कस्टमर केयर पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। सुरक्षा से समझौता करना आपके पूरे परिवार को भारी पड़ सकता है।