भारत का व्यापार घटा, अमेरिका का बढ़ा! बांग्लादेश के आंकड़ों ने खोल दी पूरी कहानी

भारत का व्यापार घटा, अमेरिका का बढ़ा! बांग्लादेश के आंकड़ों ने खोल दी पूरी कहानी

दक्षिण एशिया के व्यापारिक गलियारों से भारत के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है। पिछले कुछ समय से भारत और बांग्लादेश के बीच चले आ रहे तल्ख रिश्तों का सीधा असर दोनों देशों के द्विपक्षीय कारोबार पर दिखने लगा है।

पिछले 16 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा भारत फिसलकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। वाशिंगटन ने रणनीतिक बढ़त बनाते हुए भारत को पीछे छोड़ दिया है और ढाका का दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी बन गया है। वहीं, इस पूरी फेहरिस्त में चीन लगातार शीर्ष पर रहते हुए बांग्लादेश का नंबर एक व्यापारिक साझेदार बना हुआ है।

आंकड़ों में बड़ा उलटफेर: $12.67 अरब डॉलर के साथ अमेरिका आगे

ताजा व्यापारिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बांग्लादेश और अमेरिका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 12.67 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसकी तुलना में इसी अवधि के दौरान भारत और बांग्लादेश का कुल कारोबार सिमटकर महज 10.72 अरब डॉलर रह गया। वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों के मासिक आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साफ होता है कि इनमें से चार महीनों में अमेरिका ने भारत के मुकाबले बांग्लादेश के साथ ज्यादा व्यापार दर्ज किया, जिसके चलते यह ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला।

अमेरिकी आयात में 43% की भारी उछाल बनी गेम चेंजर

बांग्लादेश के कारोबारी समीकरणों में आए इस बड़े बदलाव की सबसे मुख्य वजह अमेरिका से होने वाले आयात में हुई भारी वृद्धि है। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान बांग्लादेश द्वारा अमेरिका से किए जाने वाले आयात में तेज उछाल देखा गया। यह आंकड़ा एक साल पहले के 2.49 अरब डॉलर से 43 प्रतिशत की जबर्दस्त बढ़ोतरी दर्ज करते हुए सीधे 3.56 अरब डॉलर पर जा पहुंचा। वाशिंगटन से बढ़ी इस खरीदारी ने व्यापार संतुलन को पूरी तरह अमेरिका के पक्ष में मोड़ दिया।

ढाका-वाशिंगटन द्विपक्षीय समझौता: 15 साल का मेगा प्लान

व्यापारिक रैंकिंग में आई इस तब्दीली के पीछे ढाका और वाशिंगटन के बीच फरवरी में हुआ ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौता मुख्य आधार बना है। इस व्यापक समझौते के तहत बांग्लादेश ने अगले 15 वर्षों में 3.5 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी कृषि उत्पादों और 15 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पादों की खरीद पर सहमति जताई है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने अपनी विमानन जरूरतों के लिए अमेरिकी कंपनी बोइंग से नए विमान खरीदने की भी आधिकारिक प्रतिबद्धता जताई है, जिससे भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और अधिक गहरे होने तय हैं।

तल्ख रिश्तों का असर: भारत के साथ आयात और निर्यात दोनों लुढ़के

अमेरिका के साथ बढ़ते समीकरणों के ठीक विपरीत भारत और बांग्लादेश के आपसी व्यापार में दोनों तरफ से गिरावट दर्ज की गई है। जमीनी हकीकत यह है कि भारत से बांग्लादेश जाने वाले निर्यात और वहां से भारत आने वाले आयात दोनों में कमी आई है। मार्च 2025 में बांग्लादेश ने कड़ा कदम उठाते हुए लैंड पोर्ट्स (जमीनी बंदरगाहों) के जरिए भारत से धागे (यार्न) के आयात पर पूरी तरह रोक लगा दी थी, जिससे भारतीय कपड़ा उद्योग को सीधा नुकसान हुआ था।