पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सऊदी-ईरान संग मिलकर US को दिया गच्चा, सीक्रेट तेल डील से खुला राज

पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सऊदी-ईरान संग मिलकर US को दिया गच्चा, सीक्रेट तेल डील से खुला राज

मिडिल ईस्ट में छिड़ी भयंकर जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक ऐसा सनसनीखेज सच सामने आया है, जिसने वाशिंगटन से लेकर रियाद तक हड़कंप मचा दिया है। 

इजराइली मीडिया 'द टाइम्स ऑफ इजराइल' की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान, ईरान और सऊदी अरब ने पर्दे के पीछे एक ऐसा कूटनीतिक और आर्थिक खेल खेला है, जिससे अमेरिकी रणनीतिकारों के होश उड़ गए हैं।

इस पूरे गुप्त घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधार पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर बताए जा रहे हैं, जिन्हें वाशिंगटन का करीबी माना जाता था। हालांकि, आसिम मुनीर ने सऊदी अरब को सुरक्षा देने के नाम पर अमेरिका को अंधेरे में रखकर अपना उल्लू सीधा कर लिया।

ईरान-पाकिस्तान-सऊदी की सीक्रेट डील: पर्दे के पीछे कैसे रचा गया खेल?

रिपोर्ट में तीन वरिष्ठ इनसाइडर्स, एक मिडिल ईस्टर्न राजनयिक और एक क्षेत्रीय खुफिया अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी नीतियों की कड़ी धमकियों के बावजूद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के प्रमुख अहमद वाहिदी से सीधे हाथ मिला लिया। 

मार्च के अंत में हुई इस गुप्त बातचीत के बाद, युद्ध की शुरुआत में सऊदी अरब पर निरंतर हमले कर रहे ईरान समर्थित गुटों ने अचानक अपने हमले रोक दिए। वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारी यह मानकर खुश होते रहे कि उनकी सैन्य धमकियों के दबाव में ईरान पीछे हट गया है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही थी।

सीक्रेट तेल कारोबार: पाबंदियों के बावजूद जेबें भरने का फॉर्मूला

इजराइली रिपोर्ट के अनुसार, आसिम मुनीर और IRGC प्रमुख अहमद वाहिदी ने एक साझा गुप्त 'ऑयल ट्रांसपोर्ट वेंचर' तैयार किया था। इसके तहत अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए ईरानी तेल को सीक्रेट रास्तों से पाकिस्तान पहुंचाया जा रहा था। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद इस नेटवर्क ने भारी मुनाफा कमाया।

पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा था, मगर हकीकत में उसने इस मौके का इस्तेमाल अपनी जेबें भरने और सऊदी अरब पर अपना रणनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए किया।

जब तेहरान ने दागी मिसाइल: आसिम मुनीर की तीखी चेतावनी और सीजफायर

सऊदी अरब पर लगभग तीन महीनों तक ईरान की ओर से कोई बड़ा हमला दर्ज नहीं किया गया। हालांकि, जब तेहरान की ओर से एक मिसाइल सऊदी क्षेत्र की ओर दागी गई, तो आसिम मुनीर का यह करोड़ों डॉलर का बिजनेस खतरे में पड़ता दिखा।

क्षेत्रीय सूत्रों के मुताबिक, मिसाइल दागते ही मुनीर ने IRGC चीफ को फोन लगाकर साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सऊदी पर आगे हमले जारी रहे, तो यह सीक्रेट ऑयल वेंचर बंद हो जाएगा। इस चेतावनी का असर यह हुआ कि उस घटना के बाद से सऊदी अरब पर ईरान की ओर से हमले पूरी तरह थम गए।

पाकिस्तान का डबल गेम: अमेरिका को बेवकूफ बनाकर सऊदी को बनाया निर्भर

intelligence सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का मुख्य मकसद सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा के लिए अपने ऊपर पूरी तरह निर्भर बनाना था। दुनिया के मंच पर पाकिस्तान खुद को सऊदी का रक्षक और बड़ा मध्यस्थ दिखाता रहा, वहीं पर्दे के पीछे वह उसी ईरानी तेल की बिक्री में साझेदार था जिस पर अमेरिका ने बैन लगा रखा है। 

हालांकि, कई कूटनीतिक विशेषज्ञों ने इस रवैये की कड़ी आलोचना की है। उनका मानना है कि पाकिस्तान ने ईरान की ब्लैकमेलिंग की शर्तों को मानकर आर्थिक फायदा उठाया और वैश्विक पटल पर अमेरिका की रणनीतिक साख को भारी चोट पहुँचाई।

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