Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में सियासी गलियारे में हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह मुलाकात मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा के प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव की दिशा में अहम संकेत हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान सीएम और पीएम के बीच मुख्य रूप से मंत्रिमंडल में रिक्त पदों को भरने और संगठन में फेरबदल के मसलों पर चर्चा हुई। इससे पहले सीएम आवास पर भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को परिचयात्मक बैठक दी गई। बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी मौजूद रहे।
राजनीतिक जानकार बता रहे हैं कि योगी की टीम में कुल 54 मंत्री हैं और अभी छह पद खाली हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार में इन छह पदों को भरने की संभावना है। चर्चाओं के मुताबिक, ओबीसी वर्ग के वरिष्ठ नेताओं जैसे भूपेंद्र चौधरी, पूजा पाल, महेन्द्र सिंह और मुकेश चौधरी को मंत्री बनाने पर विचार हो सकता है। हालांकि, अभी तक किसी का नाम फाइनल नहीं हुआ है।
इस बीच, मंत्री पद के दावेदार विधायकों में बेचैनी बढ़ गई है। कई विधायक पहले से दिल्ली में मौजूद हैं, ताकि अपने पक्ष को मजबूत कर सकें। कुछ विधायक तो पहले प्रदेश अध्यक्ष बनने की सोच रहे थे, लेकिन वहां पिछड़ने के बाद अब उनका ध्यान सीधे मंत्री पद पर केंद्रित हो गया है।
राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बड़े फेरबदल की रूपरेखा स्पष्ट हो सकती है, जिससे उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल देखने को मिलेगी।
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