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लखनऊ ।। भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की बात करते हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसो दूर है। सरकार के उपक्रम में काम करने वाले अधिकारी भी अब करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर केंद्र और राज्य सरकार को ठेंगा दिखा रहे हैं।

यूपी किरण को मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, यह खेल ग्रीन गैस लिमिटेड (जीजीएल) के एमडी जिलेदार सिंह के नेतृत्व में खेला जा रहा है। गैस की पाइप लाइन बिछाने के लिए जिलेदार ने पहले तो परियोजना प्रबंधक हिमांशु पांडे को भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ाया फिर ठेकेदारों की मदद से सरकार को चूना लगाने लगे।

हाल तो यह है कि ग्रीन गैस लिमिटेड रोड कटिंग को लेकर रजिस्टर में जो इंट्री करता है वह हकीकत में कई गुना ज्यादा होता है। इसके एवज में एमडी और परियोजना प्रबंधक हिमांशु पांडे को 25-30 फीसदी कमीशन दिया जाता है। हिमांशु लोगों को अर्दब में लेने के लिए खुद को भाजपा सांसद मनोज तिवारी का रिश्तेदार बताता है। भाजपा सांसद की आड़ में हिमांशु पांडे जिलेदार सिंह के साथ मिलकर हर महीने यूपी और केंद्र सरकार के करोड़ों रुपए को खुद लूट रहे हैं।

इस संबंध में लखनऊ नगर निगम के जोन अधिकारी टीएन सिंह से जब बात की गई तो दस्तावेजों को देखने के बाद उन्होंने बताया कि नगर निगम से ग्रीन गैस लिमिटेड को फिलहाल कोई अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में देखा जाए तो इस तरह से लाइन को बिछाने का काम 300 किलोमीटर पूरी तरह से फर्जी तरीके से किया गया। इसमें रोड कटिंग का जो भी लाखों करोड़ों रुपए का शुल्क होता है वह एमडी और उनके साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे अधिकारियों की जेब में जा रहा है।

पूरे मामले को लेकर ग्रीन गैस लिमिटेड में हो रहे इस भ्रष्टाचार को लेकर जब भी जिलेदार सिंह से बात की गई तो उनके अधिकारी पूरा मामला जानने के बाद सन्न हो जाते थे। जिलेदार सिंह से मोबाइल पर भी हकीकत जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

इस संबंध में जब पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान से ट्विटर पर सवाल किया गया तो उन्होंने पूरे मामले को लेकर जिलेदार सिंह को जवाब देने के लिए निर्देशित भी किया था, लेकिन जिलेदार सिंह ने फोन नहीं उठाया। विभाग के जानकार लोगों का कहना है कि यदि ठीक से जांच हो गई तो जिलेदार सिंह और हिमांशु पांडे दोनों जेल जाएंगे।

फोटोः बाईं ओर ग्रीन गैस लिमिटेड का एमडी जिलेदार सिंह और दाईं ओर परियोजना प्रबंधक हिमांशु पांडे।

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