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लखनऊ ।। भाजपा के केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय को आखिरकार उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष घोषित कर ही दिया गया। प्रदेश में लक्ष्मीकांत वाजपेयी को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से ही ब्राह्मणों में नाराजगी देखने को मिल रही थी।

लेकिन चुनाव को देखते हुए एक पिछड़ी जाति के नेता को इसलिए अध्यक्ष बनाया गया था , भाजपा को पिछड़े और दलितों का वोट मिल जाये। चुनाव के दौरान मंच पर भी ऐसा दिखाया जाता था जैसे की अब भाजपा पूरी तरह से बदल गयी हो। मंच पर दलितों और पिछड़े नेताओं को तबज्जो दी जाने लगी थी।

इसका फायदा भी बीजेपी को मिला और उसने प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में अपनी सरकार बनी। चुनाव में केशव प्रसाद मौर्या  जी-जान से जुटे। पूर्व में केशव प्रसाद मौर्या को अध्यक्ष पद से हटाए जाने और केंद्र में भेजे जाने की की चर्चाओं के बाद अमित शाह ने भी ये बयान दिया था कि केशव प्रसाद मौर्या केंद्र नहीं जायेंगे। लेकिन अब ऐसा लगता है कि सरकार बनने के बाद बीजेपी की प्राथमिकताएं बदल गयी हैं।।

डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इस प्रकार अब यदि देखा जाये तो भाजपा में संगठन की कमान अब पूरी तरह से ब्राह्मणों के हाथ में रहेगी और योगी तो मुख्यमंत्री हैं ही।

 

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