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यूपी किरण ब्यूरो

नई दिल्ली।। दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा सीएम अरविंद केजरीवाल पर लगाए गए सनसनीखेज आरोपों की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) करेगा।

कपिल मिश्रा ने रविवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिलकर इससे जुड़ी शिकायत उनके सामने रखी थी, जिसे अब एलजी ने ACB को बढ़ा दिया है। उन्होंने ACB से सात दिन के अंदर इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। इस बीच कपिल मिश्रा टैंकर घोटाले की शिकायत करने ‘सबूतों’ के साथ एसीबी दफ्तर गए।

उन्होंने कहा है कि वह लाइ डिटेक्टर टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। ACB दफ्तर से निकलने के बाद कपिल ने दावा किया टैंकर घोटाले में केजरीवाल सरकार ने पूर्व सीएम शीला दीक्षित को बचाने की कोशिश की जिसके सबूत उन्होंने ACB को दिए हैं। साथ ही केजरीवाल के खिलाफ लगाए आरोपों की शिकायत वह CBI से करेंगे।

ACB के अधिकारियों से मिलने के बाद कपिल ने कहा कि टैंकर घोटाले में शीला दीक्षित को बचाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, ‘टैंकर घोटाले में अरविंद केजरीवाल और उनके दो साथियों आशीष तलवार और विभव कुमार ने जांच को प्रभावित किया।

शीला दीक्षित को बचाने की कोशिश की गई। मैंने शुरुआती दस्तावेज दे दिए हैं। मैं सरकारी गवाह बनने को भी तैयार हूं। मामले में जो भी जानकारी मेरे पास है, उसे ACB को दूंगा।

कुछ समय बाद एसीबी मुझे फिर बुलाएगी।’ पहले माना जा रहा था कि कपिल केजरीवाल पर लगाए आरोपों के सबूत भी ACB को देंगे, लेकिन मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत वह सीबीआई से करेंगे।

कपिल मिश्रा ने रविवार को आरोप लगाया था कि उन्होंने सीएम आवास पर केजरीवाल को मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपये कैश में लेते हुए अपनी आंखो से देखा है।

साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जैन ने केजरीवाल के एक सगे रिश्तेदार के लिए 50 करोड़ की लैंड डील करवाई है। सोमवार को एसीबी दफ्तर जाने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि

उनका, केजरीवाल का और सत्येंद्र जैन का लाइ डिटेक्टर टेस्ट करवाया लिया जाए। कपिल ने यह भी बताया कि उन्होंने सीबीआई से मिलने के लिए वक्त मांगा है। इस दौरान कपिल अपने हाथ में ‘सबूतों’ का लिफाफा लिए हुए थे।

फोटोः फाइल

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