फर्स्ट पार्टी और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या अंतर है? इंश्योरेंस लेने से पहले जान लें ये जरूरी बातें!

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने पिछले साल नियमों में बदलाव किया है, जिसके बाद अब बिना बीमा के सड़क पर वाहन चलाना आपको महंगा पड़ सकता है। जब बीमा की बात आती है, तो दो प्रकार के बीमा दिमाग में आते हैं, पहला पक्ष बीमा और तीसरा पक्ष बीमा। कौन सा बीमा फायदेमंद है या इन दोनों में क्या अंतर है, यह हम आपको आज की रिपोर्ट में बता रहे हैं। आइए जानते हैं बीमा के बारे में।

बीमा यानी बीमा भविष्य में किसी भी तरह के नुकसान या दुर्घटना की संभावना से निपटने के लिए बहुत जरूरी है। कोई नहीं जानता कि कल क्या होने वाला है, इसलिए यदि वाहन चोरी हो जाता है, तो दुर्घटना की स्थिति में नुकसान की भरपाई बीमा के माध्यम से ही की जाती है। यदि कोई बीमा कंपनी वाहन का बीमा करती है, तो बीमा कंपनी उसके नुकसान की भरपाई करेगी।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वह होता है जो वाहन के मालिक और बीमा कंपनी के बजाय किसी तीसरे पक्ष को फायदा पहुंचाता है। इस बीमा में तीसरा पक्ष वह होता है जिसे नुकसान की भरपाई की जाती है। पहला पक्ष वह है जो इस पॉलिसी को खरीदता है। दूसरी पार्टी को वह कंपनी कहा जाता है जो इसे जारी करती है। कायदे से हर वाहन के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जरूरी होता है। आप थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना अपना वाहन नहीं चला सकते। इसमें बीमा कंपनी किसी दुर्घटना में किसी तीसरे पक्ष या उसकी संपत्ति को हुए नुकसान का खर्च वहन करती है। प्रथम पक्ष बीमा वैकल्पिक है और इसका व्यापक कवरेज है। इसके तहत बीमा कंपनी दोनों पक्षों के नुकसान की भरपाई करती है।