Up Kiran, Digital Desk: गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार की शाम उस समय हड़कंप मच गया जब कंबोडिया से आए एक चार्टर्ड फ्लाइट के 150 यात्रियों में से 12 लोग बिना वैध वीजा के उतरे। इनमें पांच भिक्षु और सात महिला श्रद्धालु थे जो बोधगया में बुद्ध पूर्णिमा से जुड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल होने भारत आए थे।
इमिग्रेशन नियमों के तहत इन्हें तुरंत एयरपोर्ट परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं मिली। चार्टर्ड विमान पहले ही वापस कंबोडिया लौट चुका था। ऐसे में सभी 12 यात्रियों को रात एयरपोर्ट के अंदर ही रुके। एयरपोर्ट प्रशासन ने उनके लिए भोजन, पानी और आराम की पूरी व्यवस्था की।
मानवीय आधार पर मिला अस्थायी परमिट
एयरपोर्ट डायरेक्टर अवधेश कुमार तिवारी ने बताया कि यात्रियों ने भारत आने से पहले ही ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन किया था। लेकिन तकनीकी कारणों से वीजा समय पर जारी नहीं हो सका। इसे देखते हुए भारत सरकार के नियमों के तहत सभी को सात दिन का टेंपरेरी लैंडिंग परमिट (TRP) जारी किया गया।
शुक्रवार सुबह परमिट मिलते ही सभी यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकले और बोधगया के लिए रवाना हो गए। अब ये यात्री एक हफ्ते तक बोधगया और आसपास के पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकेंगे।
थाईलैंड होते हुए होगी वापसी
अगले हफ्ते इन सभी यात्रियों को थाईलैंड के रास्ते वापस कंबोडिया भेज दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां इनके पूरे ठहराव और यात्रा के दौरान निगरानी रख रही हैं।




