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नेशनल डेस्क ।। सुप्रीम कोर्ट सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश दिए जाने के अपने फैसले पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के लिए मंगलवार को तैयार हो गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने सभी 49 अर्जियों पर खुली अदालत में सुनवाई करने की बात कही है।

अदालत ने आज अपने पूर्व में दिए फैसले पर पुनर्विचार करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर पर जारी विवाद को लेकर सुनवाई के दौरान कहा था कि कोर्ट के आदेश की समीक्षा की मांग करने वाली याचिकाओं पर फैसले के बाद ही नई याचिकाओं पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह स्पष्ट कर दिया है कि सबरीमला मंदिर से जुड़ी नई याचिकाओं पर सुनवाई तभी होगी जब वह मंदिर में सभी वायु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने संबंधी उसके फैसले की समीक्षा चाहने वाली पुरानी याचिकाओं का निपटारा कर देगा।

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लगभग 49 याचिकार्ताओं ने कोर्ट से अपने पूर्ववर्ती फैसले पर दोबारा से विचार करने का आग्रह किया था। बता दें कि कोर्ट ने लगभग दो महीने पहले सभी उम्र की महिलाओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए थे। इस फैसले का दक्षिण पंथी कार्यकर्ता लगातार विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सदियो से चली आ रही परंपरा के खिलाफ आए कोर्ट के फैसले को मानने से इंकार कर दिया है।

चार दिन पहले ही मंदिर तीन महीने तक चलने वाली वार्षिक यात्रा के लिए खुलने वाला है। याचिकार्ताओं का तर्क है कि आस्था को वैज्ञानिक ढंग द्वारा तय नहीं किया जा सकता है। उनका कहना है कि प्रजनन की उम्र वाली महिलाओं को इसलिए मंदिर में आने की इजाजत नहीं है क्योंकि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे।

केरला के मंदिर मामलों के मंत्री कदाकमपल्ली सुरेंद्रन ने सोमवार को कहा था, ‘सरकार खुले दिमाग की है। हम सबरीमाला के मामले पर बातचीत करने के लिए सभी पार्टियों को बुलाएंगे। पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद हम इसकी तारीख और समय का फैसला करेंगे।’

भाजपा ने जहां सबरीमाला अभियान को तेज कर दिया है। वहीं कांग्रेस ने परिस्थिति से ठीक तरह से न निपटने और प्रदर्शनकारियों का साथ देने का आरोप लगाते हुए केरल सरकार की आलोचना की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार ने इस बात को दोहराया था कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा 28 सितंबर को दिए फैसले को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन उसने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए प्रतिद्वंदी पार्टियों पर आरोप लगाया है। भाजपा के राज्य अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई ने मंदिर के रीति-रिवाजों को बचाने के लिए रथ यात्रा पर हैं।

फोटो- फाइल