Up Kiran, Digital Desk: चीन जो दशकों तक 'वन चाइल्ड पॉलिसी' के तहत सख्ती से बच्चों की संख्या पर नियंत्रण रखता था, अब अपनी बढ़ती उम्रदराज आबादी और गिरती जन्म दर से जूझ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए शी जिनपिंग सरकार ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है, जिसे लेकर दुनियाभर में चर्चा हो रही है। 1 जनवरी 2026 से, चीन ने गर्भनिरोधक दवाओं और उपकरणों पर मिलने वाली टैक्स छूट को समाप्त कर दिया है।
चीन की नई टैक्स नीति: महंगे होंगे सुरक्षित यौन संबंध
अब चीन में गर्भनिरोधक साधनों पर 13 प्रतिशत वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) लगाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि युवा पीढ़ी इन साधनों का कम से कम उपयोग करे और अधिक बच्चे पैदा करे। कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां और अन्य साधनों की कीमतों में अब भारी वृद्धि होनी तय है। इससे पहले इन पर टैक्स में छूट दी जाती थी, लेकिन अब चीन ने इसे खत्म कर दिया है।
क्या असर होगा आम जनता पर?
इस फैसले से चीन के युवा वर्ग और विशेषकर महिलाओं पर बड़ा असर पड़ेगा। पहले जो साधन किफायती थे, अब वे महंगे हो जाएंगे। इसके साथ ही, कुछ वर्गों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह कदम सरकार के जनसंख्या संकट का हल निकालने के लिए प्रभावी होगा। क्या इससे लोग सुरक्षित यौन संबंध से दूर जाएंगे? या फिर यह कदम जनसंख्या वृद्धि में किसी भी तरह का सुधार लाएगा?
दुनिया में कहीं और कैसे हैं हालात?
चीन का यह कदम जहां एक ओर बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, वहीं अन्य देशों में भी गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता और कीमतों के हालात काफी भिन्न हैं।
वेनेजुएला: इस समय दुनिया में एक देश ऐसा है, जहां कंडोम खरीदना किसी लग्जरी वस्तु जैसा हो गया है। वेनेजुएला में महंगाई और आर्थिक संकट के कारण कंडोम का एक पैकेट ₹60,000 तक पहुंच चुका है। यहां गर्भपात पूरी तरह से अवैध है, जिससे लोग कंडोम खरीदने को मजबूर हैं, चाहे उनकी आधी सैलरी ही क्यों न खर्च हो जाए।
भारत और अफ्रीकी देशों में स्थिति: भारत जैसे देशों में, जहां एचआईवी और अनचाही गर्भधारण को रोकने के लिए सरकार मुफ्त या सस्ते कंडोम उपलब्ध कराती है, वहां यह जन स्वास्थ्य की प्राथमिकता होती है। वहीं, कई अफ्रीकी देशों में टैक्स और सप्लाई चेन की समस्या के कारण यह साधन अब भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं।
यूरोप और अमेरिका: इन क्षेत्रों में सरकारें जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती हैं, और इसलिए कंडोम जैसे साधन कम कीमत पर उपलब्ध होते हैं। यहां की जनता आसानी से सुरक्षित यौन संबंध का हिस्सा बन सकती है, क्योंकि इन साधनों पर टैक्स कम होता है और उनकी उपलब्धता भी बेहतर है।
सुरक्षित यौन संबंध के लिए बढ़ता वैश्विक बाजार
सुरक्षित यौन संबंधों के प्रति जागरूकता में वृद्धि के कारण कंडोम का वैश्विक बाजार तेजी से बढ़ रहा है। 2022 में यह बाजार लगभग 8.38 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था, और 2030 तक इसके 13.06 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। यह बढ़ती जागरूकता और बाजार में होने वाली वृद्धि दर्शाती है कि लोग अब सुरक्षित यौन संबंध को अपनी प्राथमिकता मानने लगे हैं।
_1403467442_100x75.jpg)
_1935089650_100x75.png)
_860838867_100x75.png)
_1598920471_100x75.png)
_1884125996_100x75.png)