Up Kiran, Digital Desk: दोस्तों, अपराध और सज़ा की कहानियाँ हमेशा से लोगों को सोचने पर मजबूर करती रही हैं. और जब अपराध में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हों, तो मामला और भी चौंकाने वाला हो जाता है. आज, 18 नवंबर 2025 को राजस्थान से ऐसी ही एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक स्थानीय अदालत ने 2014 के भंवरनाथ हत्याकांड (Bhanwarnath murder case) में एक ही परिवार के सात लोगों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है. इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, क्योंकि 11 साल बाद आखिरकार इस दिल दहला देने वाले मामले में न्याय मिला है.
क्या था यह 'भंवरनाथ हत्याकांड' 2014 का?
बात 2014 की है, जब राजस्थान में भंवरनाथ नाम के व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हत्या में जो नाम सामने आए थे, वे वाकई हैरान कर देने वाले थे – मरने वाले के अपने ही परिवार के सात सदस्य इस जघन्य अपराध में शामिल पाए गए. इस मामले ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था, क्योंकि एक परिवार के सदस्यों द्वारा एक ही परिवार के सदस्य की हत्या एक बड़ी घटना थी.
पिछले ग्यारह सालों से यह मामला अदालत में चल रहा था, सबूतों और गवाहों के बयानों पर गौर किया जा रहा था. आज के फैसले ने यह साबित कर दिया कि न्याय भले ही धीरे चले, लेकिन मिलता ज़रूर है.
परिवार के 7 सदस्यों को उम्रकैद की सज़ा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने गहन विचार-विमर्श के बाद सभी सात अभियुक्तों, जो एक ही परिवार से थे, को भंवरनाथ की हत्या का दोषी पाया. न्यायाधीश ने अपने फैसले में सभी सातों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सज़ा सुनाई है. इसके साथ ही, उन्हें कुछ जुर्माना भी देना होगा. यह सज़ा भारतीय दंड संहिता (IPC) की हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत दी गई है.
यह फैसला न सिर्फ़ पीड़ित परिवार को कुछ हद तक राहत देगा, बल्कि यह समाज में भी एक मजबूत संदेश देगा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को, फिर चाहे वे अपने ही क्यों न हों, बख्शा नहीं जाएगा. परिवार के सदस्यों द्वारा अपराध और उसके बाद मिलने वाली सज़ा कई तरह के सामाजिक और कानूनी सवाल खड़े करती है, लेकिन इस फैसले से यह साफ हो गया है कि कानून सभी के लिए समान है.
यह घटना और उस पर आया यह फैसला हमें एक बार फिर याद दिलाता है कि भले ही समय लगे, न्याय की जीत होती है और अपराधी को उसके किए की सज़ा ज़रूर मिलती है.
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