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Up Kiran,Digital Desk: भारत में महामारी के संकट की यादें अभी ताजी ही हैं, जब कोरोना वायरस ने हर क्षेत्र को अपनी चपेट में लिया था। लाखों लोग संक्रमित हुए और हजारों की जान चली गई। इसी बीच एक और वायरस ने देशवासियों को चिंता में डाल दिया है। यह वायरस है निपाह जो अब पश्चिम बंगाल में दस्तक दे चुका है। यदि इसका फैलाव न रुका तो एक नया संकट पैदा हो सकता है।

निपाह वायरस का स्रोत और खतरा

निपाह वायरस मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैलता है और इसका मुख्य स्रोत आमतौर पर फल खाने वाले चमगादड़ होते हैं। यह वायरस कभी-कभी कच्चे खजूर के रस या उन फलों से भी फैल सकता है जिन्हें चमगादड़ ने संक्रमित किया हो। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस वायरस का संक्रमण अगर इंसान से इंसान तक पहुंचने लगे तो स्थिति बहुत खराब हो सकती है।

यह वायरस खासतौर पर खतरनाक है क्योंकि इसकी मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत के बीच मानी जाती है। ऐसी स्थिति में जब भी किसी भी क्षेत्र में निपाह का मामला सामने आता है, स्वास्थ्य एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो जाती हैं।

क्या निपाह वायरस का कोई इलाज है?

निपाह वायरस की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसका अभी तक कोई पक्का इलाज या वैक्सीन नहीं है। फिलहाल इसका इलाज केवल लक्षणों पर आधारित है। गंभीर मामलों में मरीज को इंटेंसिव केयर की आवश्यकता भी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि निपाह वायरस से बचने का कोई ठोस उपाय नहीं है, और जो लोग इस वायरस से बच जाते हैं, उन्हें लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

डॉ. आशुतोष कुमार गर्ग के अनुसार, "जो लोग निपाह से बचने में सफल होते हैं, वे कुछ समय बाद मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।"

निपाह वायरस कैसे फैलता है?

निपाह वायरस का संक्रमण तुरंत असर नहीं दिखाता। इसका इनक्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 4 से 14 दिन का होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह 45 दिन तक भी सक्रिय नहीं होता। इस दौरान संक्रमित व्यक्ति को कोई लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन वायरस शरीर के अंदर तेजी से बढ़ने लगता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी का कहना है कि इस वायरस की विशेषता यह है कि इसका पता लगाना आसान नहीं होता। कई बार तो यह बिना किसी चेतावनी के गंभीर रूप ले सकता है।

निपाह वायरस के लक्षण

निपाह वायरस के संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति को पहले सामान्य लक्षण जैसे बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में खांसी, सांस लेने में कठिनाई, और निमोनिया जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं।