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Up kiran,Digital Desk : भीषण आर्थिक कंगाली और प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहे पाकिस्तान के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी अरब द्वारा 2 अरब डॉलर की वित्तीय मदद के बाद अब भारत के एक और बेहद करीबी और विश्वस्त मित्र देश जापान ने पाकिस्तान की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। जापान ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के जरिए पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित और कमजोर समुदायों के लिए 20 लाख डॉलर (लगभग 55 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) की सहायता देने की घोषणा की है।

जापान की मदद: 45,000 लोगों को मिलेगा सीधा सहारा

जापान द्वारा दी गई इस वित्तीय सहायता का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान में खाद्य सुरक्षा और पुनर्वास को मजबूत करना है।

खाद्य सहायता: इस फंड से मॉनसूनी बाढ़ और अन्य आपदाओं से प्रभावित 45,000 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर आवश्यक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

आजीविका बहाली: जापान का लक्ष्य केवल तत्काल भूख मिटाना नहीं, बल्कि उन समुदायों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करना है जिनकी संपत्ति और रोजगार पिछली बाढ़ में तबाह हो गए थे।

भारत के करीबी मित्र का पाकिस्तान की ओर झुकाव?

जापान और भारत के रणनीतिक संबंध जगजाहिर हैं, लेकिन मानवीय आधार पर जापान ने पाकिस्तान में संकट को देखते हुए यह कदम उठाया है। पाकिस्तान में जापान के राजदूत अकामात्सु शुइची ने कहा कि जापान कमजोर समुदायों का समर्थन करने में पाकिस्तान और विश्व खाद्य कार्यक्रम के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को काफी महत्व देता है। गौरतलब है कि 2022 की भीषण बाढ़ के बाद से जापान अब तक पाकिस्तान को 1 करोड़ डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता दे चुका है।

सऊदी अरब की 2 अरब डॉलर की 'संजीवनी'

जापान की इस घोषणा से ठीक पहले, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक (SBP) ने सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर की राशि प्राप्त होने की पुष्टि की है।

विदेशी मुद्रा भंडार: 15 अप्रैल 2026 को मिली यह राशि पाकिस्तान के डूबते विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा देने के लिए आई है।

सऊदी का बड़ा निवेश: सऊदी अरब अब पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक में कुल 8 अरब डॉलर जमा रखने वाला सबसे बड़ा मददगार देश बन गया है।

पाकिस्तान पर मंडरा रहा है 2026 का 'मॉनसून संकट'

जापान और सऊदी की यह मदद ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने एक डरावनी चेतावनी जारी की है।

भारी बारिश का अलर्ट: साल 2026 के मॉनसून सत्र में सामान्य से 22 से 26% अधिक बारिश होने का अनुमान है।

बाढ़ का खतरा: पाकिस्तान के कई समुदाय अभी भी 2025 की विनाशकारी बाढ़ से उबरने का संघर्ष कर रहे हैं, और आगामी मॉनसून स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकता है।

UAE का दबाव और आर्थिक तंगी

पाकिस्तान के लिए मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। एक तरफ जहां जापान और सऊदी मदद कर रहे हैं, वहीं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपना 3.5 अरब डॉलर का पुराना डिपॉजिट वापस मांग लिया है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव (ईरान-अमेरिका युद्ध) के बीच पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बाहरी कर्ज और अनुदान पर टिकी हुई है।