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Up kiran,Digital Desk : ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान के इस दावे ने कि उसने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। जहां एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है, वहीं दूसरे की तलाश जारी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर कोई अमेरिकी पायलट दुश्मन की धरती पर गिर जाए, तो वह हफ्तों तक अकेले कैसे जिंदा रह सकता है? अमेरिकी वायुसेना अपने जांबाज पायलटों को एक ऐसी 'लाइफ-सेविंग किट' देती है, जो मौत के मुंह से भी उन्हें खींच लाती है।

मौत को मात देने वाला 'चार स्तरीय' सुरक्षा कवच

अमेरिकी सेना अपने पायलटों को केवल उड़ना ही नहीं, बल्कि 'अदृश्य' होकर जिंदा रहना भी सिखाती है। इसके लिए उन्हें SERE (Survival, Evasion, Resistance, and Escape) की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। पायलट के पास चार स्तरों का सुरक्षा कवच होता है। इसमें इजेक्शन सीट से लेकर सर्वाइवल जैकेट और अत्याधुनिक हथियारों तक सब शामिल होता है। इसका मकसद सिर्फ एक है—दुश्मन की कैद से बचना और रेस्क्यू टीम के आने तक खुद को सुरक्षित रखना।

जादुई किट: न भूख लगेगी, न प्यास से सूखेगा गला

पायलट की सर्वाइवल किट में ऐसी चीजें होती हैं जो किसी आम इंसान के लिए करिश्मे से कम नहीं हैं। इसमें इमर्जेंसी फूड पैकेट होते हैं, जो सात दिनों तक ऊर्जा बनाए रखते हैं। प्यास बुझाने के लिए किट में पानी के पैकेट और पानी साफ करने वाली विशेष क्लोरीन टैबलेट्स होती हैं, जिससे किसी भी गंदे नाले या गड्ढे का पानी पीकर जान बचाई जा सकती है। इसके अलावा, अत्यधिक ठंड से बचने के लिए एक थर्मल ब्लैंकेट और आग जलाने के आधुनिक साधन भी मौजूद रहते हैं।

अंधेरे में भी 'चमकेगा' पायलट, रेस्क्यू टीम को ऐसे मिलता है सुराग

दुश्मन के इलाके में खुद की लोकेशन बताना सबसे जोखिम भरा काम होता है। इसके लिए पायलट के पास जीपीएस नेविगेशन, सिग्नल मिरर, इन्फ्रारेड फ्लेयर्स और 'ग्लो स्टिक' होती है। समंदर में गिरने की स्थिति में किट में एक खास रसायन होता है, जिसे पानी में डालने पर पानी का रंग बदल जाता है और वह चमकने लगता है। इससे मीलों दूर उड़ रहे अमेरिकी रेस्क्यू विमानों को पायलट की सही लोकेशन मिल जाती है।

जंग के बीच कूटनीतिक दांव-पेंच

विमानों के गिरने और पायलटों के लापता होने के बीच ईरान ने बातचीत के लिए रूस को साथ रखने की शर्त रखी है। ईरानी सूत्रों का कहना है कि वे किसी भी बातचीत में रूस के प्रति पूरी पारदर्शिता बरतेंगे। हालांकि, एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप सार्थक बातचीत का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरानी विदेश मंत्रालय इसे सिरे से खारिज कर रहा है। तनाव के इस माहौल में अमेरिकी पायलट की यह किट ही उनकी आखिरी उम्मीद बनी हुई है।