Up kiran,Digital Desk : पश्चिम एशिया के रणक्षेत्र में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताजा बयान से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। बुधवार को रॉयटर्स के साथ एक विशेष बातचीत में ट्रंप ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान से अपनी सेनाएं बाहर निकाल लेगा, लेकिन यह वापसी स्थायी नहीं होगी। ट्रंप के अनुसार, अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना 'छिटपुट हमलों' (Surgical Strikes) के लिए फिर से वापसी कर सकती है।
परमाणु हथियारों का खात्मा और 'पाषाण युग' की चेतावनी
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने कड़े तेवर दिखाते हुए दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि ईरान अब परमाणु हथियार बनाने के काबिल नहीं रहेगा। उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "ईरान का नया शासन अब युद्धविराम (Ceasefire) की गुजारिश कर रहा है, लेकिन शांति तभी होगी जब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला और सुरक्षित होगा। तब तक हम ईरान को तबाह करना जारी रखेंगे और उसे 'पाषाण युग' (Stone Age) में वापस भेज देंगे।"
नाटो (NATO) से बाहर निकलने की धमकी: 'गठबंधन का रवैया ठीक नहीं'
ट्रंप ने इस युद्ध के दौरान नाटो देशों के रवैये पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाटो सहयोगी ईरान में अमेरिकी उद्देश्यों का समर्थन नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि वे नाटो से अमेरिका को पूरी तरह वापस बुलाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका अकेले ही ईरान की सैन्य शक्ति को कुचलने में सक्षम है और उसे ऐसे सहयोगियों की जरूरत नहीं जो केवल मूकदर्शक बने रहें।
ईरान का पलटवार: 'धमकियों से नहीं डरते हम'
ट्रंप के इन दावों के बीच ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'अल जजीरा' को दिए इंटरव्यू में ट्रंप की समयसीमा (Deadline) को खारिज करते हुए कहा, "ईरान की जनता धमकियों की भाषा नहीं समझती। हम अपनी आत्मरक्षा के लिए किसी कैलेंडर या समयसीमा के पाबंद नहीं हैं।" ईरान का रुख साफ है कि वे इस लड़ाई को तब तक जारी रखेंगे जब तक उनकी संप्रभुता सुनिश्चित नहीं हो जाती।
क्या है ट्रंप के दिमाग में? 'दो से तीन हफ्तों का अल्टीमेटम'
ट्रंप ने संकेत दिया है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत अमेरिकी सेना अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान से बाहर निकल सकती है। हालांकि, उन्होंने कोई सटीक तारीख बताने से इनकार कर दिया। जानकारों का मानना है कि ट्रंप अमेरिका में होने वाले आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों और घरेलू दबाव के बीच इस युद्ध को एक निर्णायक मोड़ पर लाकर 'एग्जिट प्लान' (Exit Plan) तैयार कर रहे हैं, ताकि वे अपनी जनता को जीत का भरोसा दिला सकें।




