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Up Kiran, Digital Desk: कर्नाटक के हुबली शहर में भाजपा और पुलिस के बीच एक गंभीर विवाद ने तूल पकड़ा है। एक महिला कार्यकर्ता के पुलिस हिरासत में शारीरिक उत्पीड़न और उसके कपड़े फाड़ने के आरोप ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा ने इस घटना को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि महिला ने खुद अपना विरोध जताते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला किया।

भाजपा का आरोप: शारीरिक दुर्व्यवहार और कपड़े फाड़ने की घटना

भाजपा ने आरोप लगाया है कि एक महिला कार्यकर्ता को पुलिस हिरासत के दौरान अत्याचार सहने पड़े। पार्टी का कहना है कि महिला ने गिरफ्तारी का विरोध किया था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। वायरल हुए वीडियो में यह दिखाया गया कि महिला को पुलिस बस में घेरकर खड़ी थी, जहां पुरुष और महिला दोनों पुलिसकर्मी उसे घेरे हुए थे। भाजपा के नेताओं का दावा है कि इस घटना के दौरान महिला के साथ शारीरिक उत्पीड़न किया गया और उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए।

पुलिस का बयान: महिला ने खुद किया विरोध और हमला

हुबली पुलिस कमिश्नर शशि कुमार ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए मामले का अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि महिला ने पुलिस हिरासत में रहते हुए खुद अपने कपड़े उतारने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। कमिश्नर के मुताबिक, चॉलुक्य नगर में अधिकारियों का एक सर्वेक्षण था, जहां कुछ स्थानीय लोगों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। इसी दौरान महिला ने विरोध किया और पुलिसकर्मियों के साथ शारीरिक संघर्ष किया।

कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला पर हमला करने और पुलिसकर्मियों को कर्तव्य पालन में रुकावट डालने का प्रयास किया गया। एक उप-निरीक्षक को महिला ने काटने की भी कोशिश की, और कई अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। गिरफ्तारी के दौरान महिला ने अचानक कपड़े उतारने की कोशिश की, जिसे पुलिस की महिला कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से ठीक किया गया।

महिला पर दर्ज पूर्व के मामले

कमिश्नर ने बताया कि महिला के खिलाफ पहले से नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से पांच पिछले साल हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने किसी प्रकार का गलत व्यवहार नहीं किया। इसके बावजूद इस घटना ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को और अधिक उग्र कर दिया है, और भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।