img

Up kiran,Digital Desk : इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने अपनी कप्तानी को लेकर उठ रहे सवालों और चौतरफा हो रही आलोचनाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के हाथों एशेज सीरीज में मिली 1-4 की शर्मनाक शिकस्त के बाद स्टोक्स के नेतृत्व पर तलवार लटक रही थी। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट पंडितों तक, हर कोई उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहा था। अब दिग्गज ऑलराउंडर ने एक भावुक लेकिन सख्त इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए साफ कर दिया है कि वे मैदान छोड़कर भागने वालों में से नहीं हैं।

कप्तानी का कांटों भरा ताज: स्टोक्स ने बयां किया अपना दर्द

बेन स्टोक्स ने स्वीकार किया कि पिछले तीन महीने उनकी कप्तानी के सफर का सबसे चुनौतीपूर्ण और कठिन दौर रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि इंग्लैंड की कप्तानी करना एक बड़ा सम्मान है, जिसे वे कभी हल्के में नहीं लेते। स्टोक्स ने दिल खोलकर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, "कप्तानी आपको कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है। पिछले कुछ महीनों ने मुझे कई तरह से आजमाया है। यह एक ऐसा भार है जो आपको पूरी तरह जकड़ लेता है, और कभी-कभी लगता है कि जिंदगी में इसके अलावा कुछ और है ही नहीं।"

मैकुलम और रॉब की के साथ चट्टान की तरह खड़ा है बोर्ड

आलोचकों द्वारा कप्तानी बदलने के सुझावों को दरकिनार करते हुए स्टोक्स ने स्पष्ट किया कि उन्हें इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) का पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम और मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की के साथ अपनी बॉन्डिंग पर जोर देते हुए कहा कि यह 'लीडरशिप ग्रुप' पूरी तरह एकजुट है। स्टोक्स के मुताबिक, हार के बावजूद बोर्ड को उनकी रणनीति और 'बैजबॉल' अप्रोच पर भरोसा है, और वे टीम को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

"सफलता से ज्यादा विफलता सिखाती है" – सुधार का वादा

हार के बावजूद स्टोक्स के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। उन्होंने फैंस को भरोसा दिलाया कि टीम अपनी गलतियों से सबक ले रही है। स्टोक्स ने कहा, "हमने इस रास्ते में गलतियां की हैं और हम उन्हें स्वीकार करते हैं। मेरा मानना है कि इंसान सफलता के बजाय विफलता से ज्यादा सीखता है। मैंने इस कठिन दौर में अपने बारे में बहुत कुछ जाना है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि मैकुलम और उनके भीतर टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का जुनून आज भी उतना ही बरकरार है।