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Up kiran,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले एग्जिट पोल्स को लेकर एक हैरान करने वाला मोड़ आया है। देश की सबसे सटीक भविष्यवाणियों के लिए मशहूर एजेंसी Axis My India ने बंगाल के एग्जिट पोल आंकड़े जारी करने से इनकार कर दिया है। एजेंसी के प्रबंध निदेशक प्रदीप गुप्ता ने इसके पीछे 'प्रतिनिधि सैंपल' (Representative Sample) की कमी और मतदाताओं के बीच 'भय के माहौल' को मुख्य वजह बताया है।

60-70 फीसदी लोगों ने साध ली चुप्पी

एक निजी समाचार चैनल (NDTV) से बातचीत में प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उनकी टीम ने जब जमीनी स्तर पर मतदाताओं से बात करने की कोशिश की, तो अनुभव बेहद चौंकाने वाला रहा। गुप्ता ने कहा:

"बंगाल में सर्वे के दौरान करीब 60 से 70 फीसदी लोगों ने अपनी जुबां पर ताले लगा लिए थे। वे यह बताने को तैयार ही नहीं थे कि उन्होंने किसे वोट दिया है। जब लोग 'हां' या 'नहीं' कहने की स्थिति में भी न हों, तो इतने छोटे सैंपल साइज पर आंकड़ों का अनुमान लगाना गलत होगा।"

भय का माहौल और छोटे सैंपल का जोखिम

Axis My India का सर्वे मॉडल 'फेस-टू-फेस' बातचीत पर आधारित होता है। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बंगाल के संदर्भ में कोई भी खुलकर बात करने को तैयार नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि केवल 20-30 प्रतिशत डेटा के आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचना एजेंसी की विश्वसनीयता के खिलाफ होगा। हालांकि एजेंसी ने चुनाव खत्म होने के बाद गुरुवार को दोबारा कोशिश की थी, लेकिन मतदाताओं के रुख में कोई बदलाव नहीं आया।

स्वतंत्रता के बाद का सबसे भारी मतदान (92.47%)

इस बार पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए मतदान ने इतिहास रच दिया है। राज्य में कुल 92.47 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है, जो आजादी के बाद का अब तक का रिकॉर्ड है।

पहला चरण: 93.13 प्रतिशत

दूसरा चरण: 91.66 प्रतिशत

इससे पहले 2011 में वामपंथी शासन के अंत के समय 84 प्रतिशत मतदान हुआ था। इतने भारी मतदान ने राजनीतिक पंडितों और एग्जिट पोल एजेंसियों को असमंजस में डाल दिया है कि यह 'सत्ता विरोधी' लहर है या 'सत्ता समर्थक'।

ममता बनर्जी के लिए साख की लड़ाई

यह चुनाव मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य के लिए सबसे निर्णायक माना जा रहा है। 15 साल की सत्ता के बाद वह एक तरफ अपनी साख बचाने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा उन्हें कड़ी टक्कर दे रही है। बुधवार को जारी हुए अन्य एजेंसियों के एग्जिट पोल्स में भी भारी विरोधाभास दिखा है:

कुछ सर्वे भाजपा को 200 के पार दिखा रहे हैं।

कुछ सर्वे TMC की वापसी का दावा कर रहे हैं।

Axis My India के पीछे हटने के बाद अब सबकी निगाहें 4 मई 2026 को आने वाले आधिकारिक नतीजों पर टिकी हैं, जो यह साफ करेंगे कि बंगाल की जनता ने 'साइलेंट' रहकर क्या फैसला सुनाया है।