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Up Kiran, Digital Desk: बिहार के दिग्गज नेता और राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव अब एकदम नए घर में रहने लगे हैं। यह घर पहले वाले दोनों ठिकानों से बिल्कुल अलग है। पहले जहाँ दिन रात लोग आते जाते रहते थे अब वहाँ घुसने के लिए पहले परमिशन लेनी पड़ती है। सूत्र बता रहे हैं कि लालू की सेहत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

तेजस्वी यादव अब पार्टी का सारा कामकाज देख रहे हैं। यानी आरजेडी में पीढ़ी बदलाव साफ दिखने लगा है। पुराने कार्यकर्ता इसे देखकर भावुक भी हो रहे हैं क्योंकि लालू की पहचान ही थी खुला दरवाजा और हर किसी का स्वागत।

तीन दशक तक लालू परिवार का ठिकाना दो पता रहा। पहले 1 अणे मार्ग और फिर 10 सर्कुलर रोड। दोनों जगह गेट कभी बंद नहीं होते थे। सुबह से शाम तक ग्रामीण अपने याचिका लेकर पहुँचते थे। पत्रकार बिना बुलाए आ धमकते थे। मंत्री लोग भी बेझिझक अंदर चले जाते थे। घर कम और जनता दरबार ज्यादा लगता था।

अब नया घर देखकर हर कोई हैरान है। अंदर जाने से पहले नाम चेक होता है। बिना अपॉइंटमेंट कोई नहीं घुस सकता। पार्टी के अपने कार्यकर्ता भी पहले फोन करके पूछते हैं कि आ सकते हैं या नहीं। घर में डॉक्टरों का आना जाना लगा रहता है। शांति सबसे जरूरी है इसलिए राजनीतिक मीटिंग भी बहुत कम हो रही हैं।

आरजेडी के पुराने नेता मान रहे हैं कि यह बदलाव जरूरी था मगर दिल को ठेस भी पहुँचा रही है। एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा “लालू जी तो जनता के बीच में रहते थे। अब वो दिन लौटकर नहीं आएँगे।”

राजनीतिक जानकार कहते हैं कि यह सिर्फ घर बदलना नहीं है। यह बिहार की सियासत में एक युग का अंत है। लालू यादव अब आराम और इलाज पर फोकस कर रहे हैं जबकि तेजस्वी यादव पूरी कमान संभाल चुके हैं। आने वाला समय बताएगा कि यह बदलाव पार्टी को कितना फायदा पहुँचाता है।