Up Kiran,Digital Desk: नॉर्थ अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के ठंडे और अंधेरे हिस्सों में रहने वाली ग्रीनलैंड शार्क आज वैज्ञानिक समुदाय के लिए खास चर्चा का विषय है। यह जीव केवल एक शिकारी नहीं है बल्कि समय का जीवित दस्तावेज भी है। जहां इंसान और अधिकतर जानवर कुछ दशकों में जीवन पूरा कर लेते हैं वहीं यह शार्क सैकड़ों साल तक महासागर में तैरती रहती है। कुछ जीवित शार्क शायद उस दौर की हैं जब आधुनिक दुनिया की नींव भी नहीं पड़ी थी।
इंसानी इतिहास से भी पुरानी उम्र
शोध बताते हैं कि ग्रीनलैंड शार्क धरती पर सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाला रीढ़ वाला जीव है। लंबे समय तक इसकी उम्र का सही अंदाजा नहीं लग पाया क्योंकि इसके शरीर में ऐसी हड्डियां नहीं होती जिनसे उम्र मापी जा सके। बाद में वैज्ञानिकों ने आंखों के लेंस में मौजूद प्रोटीन का अध्ययन किया। रेडियोकार्बन तकनीक से यह साफ हुआ कि इनमें से कई शार्क 300 से 400 साल तक जीवित रहती हैं। यह खोज जीव विज्ञान की सोच को नए सिरे से परिभाषित करती है।
बेहद धीमी रफ्तार की जिंदगी
इतनी लंबी उम्र का असर इनके पूरे जीवन चक्र पर दिखता है। ग्रीनलैंड शार्क साल भर में मुश्किल से एक सेंटीमीटर बढ़ती है। इसका विकास बहुत धीमा होता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह शार्क करीब 150 साल की उम्र में जाकर प्रजनन के काबिल बनती है। यानी इसका बचपन और किशोर अवस्था एक सदी से भी ज्यादा लंबी होती है।




