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Up kiran,Digital Desk : कांग्रेस एक बार फिर मनरेगा योजना को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुट गई है। पार्टी का मानना है कि मनरेगा उसकी सबसे प्रभावशाली योजनाओं में रही है, जिससे अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ मिला था। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा योजना में किए गए बदलावों से इन वर्गों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं।

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पूरे देश में जनआंदोलन खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि मनरेगा के सवाल पर अलग-अलग सामाजिक वर्गों को एकजुट किया जा सका, तो उत्तर प्रदेश में पार्टी की राजनीतिक स्थिति में सुधार आ सकता है।

जनवरी भर चलेगा कांग्रेस का मनरेगा अभियान

कांग्रेस ने मनरेगा को लेकर चरणबद्ध कार्यक्रम तय किया है। 8 जनवरी को सभी प्रदेश मुख्यालयों पर बैठक कर रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद 10 जनवरी को देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी।

11 जनवरी को एक दिन का सांकेतिक उपवास और विरोध प्रदर्शन होगा। वहीं 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जाकर लोगों से मनरेगा को लेकर संवाद किया जाएगा। 31 जनवरी से फरवरी के पहले सप्ताह तक जिला स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ’ धरना आयोजित करने की योजना है। यह पूरा अभियान फरवरी तक जारी रहेगा।

2009 की तरह दोहराना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस का मानना है कि 2009 में केंद्र में सत्ता में वापसी के पीछे मनरेगा की बड़ी भूमिका रही थी। अब पार्टी की कोशिश है कि एक बार फिर योजना के लाभार्थियों से सीधे जुड़कर उसमें किए गए बदलावों के खिलाफ माहौल बनाया जाए। पार्टी इसे संविधान से जुड़े मुद्दों की तरह व्यापक जनसमर्थन में बदलने की रणनीति बना रही है, ताकि आगामी लोकसभा चुनावों में इसका राजनीतिक लाभ मिल सके।

हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह रणनीति जमीन पर असर दिखा पाएगी।

यूपी में कमजोर संगठन, सपा पर निर्भर कांग्रेस

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति फिलहाल कमजोर मानी जा रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी को आगे कर पार्टी ने वापसी की कोशिश जरूर की थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। संगठन और संसाधनों की कमी कांग्रेस की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केवल योजनाएं और कार्यक्रम तय करने से कांग्रेस मजबूत नहीं होगी। जब तक पार्टी नेतृत्व के प्रति जनता में भरोसा और विश्वास नहीं बनता, तब तक बड़े राजनीतिक लाभ की संभावना कम ही रहेगी। यूपी में कांग्रेस काफी हद तक समाजवादी पार्टी के सहारे ही सियासी संतुलन बनाए हुए है।

जनता के हक की लड़ाई है मनरेगा: विश्व विजय सिंह

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से कमजोर और वंचित वर्गों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। उनके मुताबिक यूपीए सरकार के दौरान शुरू की गई मनरेगा योजना ने गरीबों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा में बदलाव कर नई योजना लागू की है, जिससे गरीबों को नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि अब योजना का 40 प्रतिशत खर्च राज्यों पर डाल दिया गया है, जिससे कई राज्य इसमें पर्याप्त धन खर्च करने से बच सकते हैं। इसका सीधा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ेगा।

विश्व विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के हितों से कभी पीछे नहीं हटी है। मनरेगा को कमजोर करने से इन वर्गों को नुकसान होगा, इसलिए पार्टी पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह लड़ाई चुनावी राजनीति से ज्यादा जनहित से जुड़ी है और इसका उद्देश्य गरीबों के अधिकारों की रक्षा करना है।