UP Kiran,Digital Desk: 11 फरवरी को बठिंडा शहर के गांव बहमन दीवाना के पास एक लाल रंग के सूटकेस में एक युवती की लाश मिली थी, जो अब पहचान ली गई है। यह युवती मोगा जिले के बाघा पुराना की निवासी मल्लिका के रूप में पहचानी गई है। मल्लिका, जो कुछ समय से बठिंडा में रह रही थी, के परिवार का कोई सदस्य अब तक इस मामले में सामने नहीं आया है। इस बात ने पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका उत्तर अभी तक नहीं मिल पाया है।
पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग: दोस्त
सूत्रों के अनुसार, मल्लिका बठिंडा में एक दोस्त के साथ रह रही थी। हालांकि, पुलिस को इस दोस्त की पहचान और उसके ठिकाने का कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। यह अनजान दोस्त पुलिस के लिए इस रहस्यमय हत्याकांड का सबसे बड़ा सुराग बन चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है, और जांच में ये सुराग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध संबंधों की जांच
पुलिस की टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सूटकेस को किसने और कब इस जगह पर छोड़ा। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह मामला प्रेम संबंधों, आपसी विवाद या किसी पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है, इसलिए इस पहलू पर भी बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है।
सार्वजनिक जागरूकता और सुरक्षा पर असर
गांव बहमन दीवाना के समीप एक सूटकेस में लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना न केवल इलाके के निवासियों के लिए भयावह साबित हुई, बल्कि स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। ऐसी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग इन गंभीर मामलों में पर्याप्त कदम उठा रहे हैं।
शव की हालत और टैटू से मिले अहम सुराग
सूटकेस में जब शव की पहचान की गई तो यह देखा गया कि मृतका के शरीर पर एक टैटू बना हुआ था, जिसमें 'काकू' नाम लिखा था। यह टैटू इस मामले की जांच में एक अहम सुराग बन गया। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जरूरी सबूत जुटाए, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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