Up kiran,Digital Desk : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद की गई जवाबी कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 72 घंटे के भीतर इस सैन्य अभियान को रोकना भारत की कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति और अपनी मर्जी से तय की गई शर्तें थीं। राजनाथ सिंह ने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सेना न केवल छोटी सर्जिकल स्ट्राइक, बल्कि एक लंबी और भीषण जंग के लिए भी पूरी तरह तैयार थी और आज भी है।
मर्जी हमारी, शर्तें हमारी: 72 घंटे का सच
रक्षा मंत्री ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह करने के बाद जब अभियान रोका गया, तो दुनिया में कई तरह की चर्चाएं थीं। उन्होंने गुरुवार को स्पष्ट किया, "हमने ऑपरेशन इसलिए बंद नहीं किया कि हमारी क्षमता कम हो गई थी। हमने उसे अपनी मर्जी और अपनी शर्तों पर रोका। हम एक लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार थे।"
क्या है 'सर्ज कैपेसिटी' (Surge Capacity)?
राजनाथ सिंह ने भारत की सैन्य शक्ति के एक खास पहलू 'सर्ज कैपेसिटी' पर जोर दिया। इसका अर्थ है- अचानक जरूरत पड़ने पर अपनी सैन्य क्षमताओं और संसाधनों का तेजी से विस्तार करने की ताकत। रक्षा मंत्री ने गर्व से कहा कि यह क्षमता भारत के पास पहले भी थी और अब यह और भी अधिक दुरुस्त और मजबूत हो चुकी है।
'भय बिन होय न प्रीत' – डिटरेंस का मंत्र
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सैन्य दबदबे (Deterrence) की अहमियत समझाते हुए उन्होंने रामायण की चौपाई का जिक्र किया— "भय बिन होय न प्रीत"। उन्होंने कहा कि जब तक दुश्मन के मन में खौफ नहीं होगा, तब तक शांति और सम्मान की उम्मीद नहीं की जा सकती। 'ऑपरेशन सिंदूर' दुश्मन के मन में इसी डर को पैदा करने का एक ठोस उदाहरण था।
तीनों सेनाओं की एकजुटता की मिसाल
रक्षा मंत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता का श्रेय थल सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच के बेहतर तालमेल को दिया। उन्होंने कहा:
भारत की सैन्य शक्ति अब अलग-अलग (Silos) काम नहीं करती।
यह एक साझा, आपस में जुड़ी हुई और वैश्विक ताकत के रूप में उभरी है।
72 घंटे के इस ऑपरेशन के पीछे महीनों की लंबी और गुप्त तैयारियां थीं।
पाकिस्तान पर 'IT' वाला तंज
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के मौजूदा हालात और आतंकवाद को लेकर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को IT (Information Technology) के हब के रूप में जानती है, जबकि पाकिस्तान की पहचान IT यानी International Terrorism (अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद) के मरकज के रूप में सिमट गई है। उन्होंने साफ किया कि आतंकवाद मानवता पर कलंक है और भारत इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।




