Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में गंभीर लापरवाही के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को उन्होंने 17 चिकित्साधिकारी (डॉक्टरों) को बर्खास्त (Dismissed) कर दिया, क्योंकि वे लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए और अपने कर्तव्यों में सुस्ती बरत रहे थे। यह जानकारी सरकारी आदेशों के बाद सामने आई है, और इस कदम से प्रदेश के स्वास्थ्य प्रशासन में जवाबदेही को मज़बूत करने का संकेत मिलता है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी सरकारी डॉक्टर या चिकित्साधिकारी को लापरवाही, ड्यूटी से गैर‑हाज़िर रहने या रोगियों के साथ अभद्र व्यवहार जैसी बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इसी नीति के तहत 17 अधिकारी को सेवा से हटा दिया गया। इसके अलावा, चौके चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी आदेशित की गई है।
ये कार्रवाई राज्यभर के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अनियमितता के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। बर्खास्त किए गए चिकित्साधिकारियों के अलावा कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, और कुछ पर वेतन वृद्धि रोकने या चेतावनी देने जैसे दंड भी दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और समय पर सेवा प्रदान करना जनता की प्राथमिकता है, और इसके लिए किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कदम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में ठोस प्रयास का संकेत मिलता है।


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