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Up Kiran, Digital Desk: चाय प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी है! अक्सर आप अपनी नियमित चाय को मीठा करने के लिए रिफाइंड शुगर और कृत्रिम स्वीटनर्स का उपयोग करते हैं, लेकिन अब देसी खांड धीरे-धीरे उन सभी विकल्पों को पीछे छोड़ रही है। देसी खांड सीधा गन्ने से बनाई जाती है और इसे तैयार करने में कम से कम रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल होता है। यही कारण है कि यह चीनी के मुकाबले हल्की, प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती है। आजकल कई लोग इसे अपनी चाय में डालकर स्वाद और सेहत दोनों का आनंद ले रहे हैं। छोटी-छोटी बदलाब, जैसे चीनी की बजाय खांड का उपयोग, आपके स्वास्थ्य में बड़ा फर्क डाल सकते हैं। अब चाय का कप न केवल मीठा, बल्कि सेहतमंद भी हो गया है।

देसी खांड क्या है?

देसी खांड असल में गन्ने के रस को पारंपरिक तरीके से सुखाकर तैयार की जाती है। यह न तो पूरी तरह से रिफाइंड होती है, और न ही इसमें चीनी की तरह अधिक प्रोसेसिंग की जाती है। इसका स्वाद हल्का, प्राकृतिक और थोड़ा देसी गुड़ जैसा होता है। यही वजह है कि लोग इसे चीनी का एक सेहतमंद विकल्प मानते हैं। यह न केवल चीनी के नकरात्मक प्रभावों से बचाती है, बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

देसी खांड वाली चाय के फायदे

पेट के लिए हल्की और आसानी से पचने वाली
देसी खांड से बनी चाय पेट पर भारी नहीं पड़ती। इसे पचाना आसान होता है और यह गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकती है। जो लोग चाय से पेट खराब होने की शिकायत करते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

इम्यूनिटी को मजबूत करती है
देसी खांड में कुछ प्राकृतिक खनिज और पोषक तत्व होते हैं जो इम्यूनिटी को सपोर्ट करते हैं। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से बचने में यह सहायक मानी जाती है।

हड्डियों के लिए लाभकारी
खांड में कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन शरीर की कमजोरी को दूर करने में भी सहायक है, लेकिन ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में करें।

रक्त की कमी दूर करने में मददगार
देसी खांड में आयरन प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है, जो खून बढ़ाने में मदद करता है। विशेष रूप से जिन लोगों को एनीमिया की समस्या है, उनके लिए सफेद चीनी के मुकाबले देसी खांड एक बेहतर विकल्प हो सकती है।