Up Kiran,Digital Desk: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान शिबू सोरेन के सार्वजनिक जीवन में किए गए असाधारण योगदान को मान्यता देने के रूप में दिया जा रहा है। केंद्रीय सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की, जिसमें शिबू सोरेन का नाम शामिल किया गया। इस घोषणा से पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है, और लोग शिबू सोरेन के संघर्ष और समर्पण को सराह रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया आभार
झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के बेटे, हेमंत सोरेन ने इस सम्मान के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। हेमंत सोरेन, जो वर्तमान में लंदन में हैं, ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "हमारे आदरणीय बाबा, शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान मिलने की घोषणा पर मैं और झारखंड की पूरी जनता केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।" हेमंत सोरेन ने इस सम्मान को शिबू सोरेन के जीवन के उन अटल संघर्षों का प्रतीक बताया, जिनसे उन्होंने समाज के शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
JMM का भारत रत्न की मांग पर जोर
जहां शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान दिया गया है, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस सम्मान का स्वागत किया है, लेकिन पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अब भी शिबू सोरेन को भारत रत्न से नवाजे जाने की है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि शिबू सोरेन का योगदान केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक था। उनके संघर्ष को पद्म भूषण से भी बड़ा सम्मान मिलना चाहिए था।
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