img

Up Kiran, Digital Desk: जब भी आप ऋषिकेश जाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे आप किसी सादगी भरे समय में वापस पहुँच गए हों। शांत गंगा घाट हर किसी के अंदर की सर्वश्रेष्ठता को उजागर करता है। गंगा के जादू को देखने का सबसे अच्छा तरीका ऋषिकेश में गंगा आरती में शामिल होना है।

देश-विदेश से लोग ऋषिकेश की पवित्र आत्मा में डूबने के लिए यहाँ आते हैं। त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन में हर दिन गंगा आरती होती है। आइए ऋषिकेश में गंगा आरती के समय के बारे में विस्तार से जानें:

त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती का समय

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर शाम की गंगा आरती आमतौर पर सूर्यास्त के आसपास होती है। मौसम के अनुसार समय बदलता रहता है।

  • सर्दियों में शाम 5:30 से 6:30 बजे तक
  • गर्मियों में शाम 6:30 से 7:30 बजे तक
  • सुबह 5:45 से 6:30 बजे तक आरती भी की जाती है।

महत्वपूर्ण सुझाव:

अक्सर आरती के समय गंगा घाट पर भीड़ होती है। जगह पाने के लिए जल्दी पहुँचना ज़रूरी है। अगर आप घाट पर विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो आप स्थानीय गाइड से पहले से बुकिंग करा सकते हैं

परमार्थ निकेतन में गंगा आरती का समय

परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में स्थित सबसे बड़ा आश्रम है। इसे ऋषिकेश में आरती देखने के लिए सबसे मनोरम स्थानों में से एक माना जाता है। त्रिवेणी घाट की तरह, यहाँ भी आरती सूर्यास्त के समय होती है।

  • सायंकालीन आरती (ग्रीष्मकाल): लगभग 6:00 बजे से 7:00 बजे तक (मार्च से अक्टूबर)।
  • सायंकालीन आरती (शीतकालीन): लगभग 5:00 बजे से 6:00 बजे तक (नवंबर से फरवरी)।
  • प्रातः आरती: लगभग 5:45 - 6:30 बजे

ऋषिकेश में गंगा आरती में भाग लेने का महत्व

ऋषिकेश में गंगा आरती एक वैदिक पुजारी द्वारा की जाती है। ऋषिकेश में वेदों का अध्ययन कर रहे छात्र भी यह अनुष्ठान करते हैं। अनुष्ठान के दौरान मंत्र, भजन और प्रार्थनाएँ गाई जाती हैं। अग्नि देव को पवित्र आहुति दी जाती है और भक्तगण नदी में दीये प्रवाहित करते हैं।

ऋषिकेश की गंगा आरती की सुंदरता और जादू ऐसा है जिसका अनुभव हर किसी को अपने जीवन में एक बार ज़रूर करना चाहिए। यहाँ का शांत वातावरण और शांति बेहद सराहनीय है। शहर के आकर्षण में डूबने के लिए अपना समय ज़रूर निकालें!