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Up Kiran, Digital Desk: गरीब परिवारों के लिए बेटी की शादी अक्सर एक ऐसा अवसर बन जाता है, जिसमें न केवल भावनाओं की अहमियत होती है, बल्कि संसाधनों की भी गहरी चिंता होती है। वहीं, अमीर लोग इस दिन को शान-ओ-शौकत से मनाने के लिए बेहिसाब संसाधन जुटा लेते हैं। इस असमानता को दूर करने के लिए अब राज्य सरकार ने एक नई योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना का उद्देश्य है, गरीब परिवारों को विवाह के अवसर पर एक बेहतर और सहज अनुभव देना।

ग्रामीण इलाकों में शहर जैसी सुविधाएँ
यह योजना खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए है, जहाँ शादी समारोहों के लिए उचित सुविधाओं का अभाव रहता है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत जिले की 39 पंचायतों में कन्या विवाह मंडप का निर्माण किया जाएगा, ताकि हर बेटी को सम्मानजनक विदाई मिल सके।

पहल का पहला कदम: भूमि उपलब्धता
इस योजना के पहले चरण के तहत 39 विवाह मंडपों के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी योगेंद्र कुमार के अनुसार, अब निर्माण प्रक्रिया तेज़ी से शुरू कर दी गई है, ताकि यह मंडप जल्द से जल्द ग्रामीणों के लिए उपलब्ध हो सकें।

विवाह मंडपों का निर्माण और लागत
इन कन्या विवाह मंडपों का निर्माण जिला पंचायती राज विभाग द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक मंडप का निर्माण 30 डिसमिल जमीन पर होगा और इसका खर्च 50 लाख रुपये तक आएगा। इन 39 विवाह मंडपों के निर्माण पर कुल 19.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से जिले के कई पंचायतों में एक नयी उम्मीद पैदा होगी।