Up Kiran, Digital Desk: भारत में जहां एक ओर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिशें तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू के बढ़ते सेवन से इन प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है। हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि ग्रामीण भारत के लोग अपनी कुल आय का केवल 2.5% हिस्सा शिक्षा पर खर्च करते हैं, जबकि तंबाकू पर उनका खर्च इस आंकड़े से कहीं अधिक यानी 4% तक पहुंच चुका है। यह रिपोर्ट साफ संकेत दे रही है कि देश में तंबाकू का सेवन अब एक गंभीर समस्या बन चुका है, और इसके कारण आने वाले दिनों में और भी जटिल स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, खासकर जब 1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों की कीमतों में और वृद्धि होने वाली है।
गरीब परिवारों में तंबाकू का बढ़ता प्रचलन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, तंबाकू का सेवन विशेष रूप से गरीब परिवारों में गहरे तौर पर फैलता जा रहा है। जब एक तरफ सरकार स्वास्थ सेवाओं में विस्तार की दिशा में कदम उठा रही है, तो दूसरी ओर तंबाकू के बढ़ते उपयोग से इसके स्वास्थ्य पर असर डालने की संभावना बढ़ रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्रामीण भारत में शिक्षा पर खर्च 2.5% है, जबकि तंबाकू पर खर्च होने वाली राशि 4% हो गई है।
महंगाई के बीच तंबाकू का बढ़ता खर्च
महंगाई के चलते 2011-12 से 2023-24 के बीच ग्रामीण इलाकों में तंबाकू पर प्रति व्यक्ति खर्च 58% और शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 77% बढ़ चुका है। अब तंबाकू ग्रामीण इलाकों में मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय का लगभग 1.5% और शहरी इलाकों में 1% हिस्सा बन चुका है। हालांकि, यह आंकड़ा पहली नजर में मामूली लग सकता है, लेकिन इसका असर बहुत गहरा है क्योंकि तंबाकू सेवन करने वाले परिवारों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
गुटखा के सेवन में ऐतिहासिक वृद्धि
इस सर्वे में सबसे चौंकाने वाली बात गुटखा के सेवन में हुई तेजी है। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्रामीण इलाकों में गुटखा खाने वाले परिवारों का प्रतिशत 6 गुना बढ़ चुका है। यह आंकड़ा पहले केवल 5.3% था, जो अब 30.4% तक पहुंच चुका है। अब ग्रामीण इलाकों में तंबाकू पर होने वाले कुल खर्च का 41% गुटखा पर ही हो रहा है, और यह सबसे प्रमुख तंबाकू उत्पाद बन चुका है। शहरों में भी गुटखा का सेवन बढ़ता जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में सिगरेट के बाद गुटखा अब दूसरा सबसे लोकप्रिय तंबाकू उत्पाद बन चुका है, और लगभग 16.8% शहरी परिवार इसे खा रहे हैं।
भारत के विभिन्न राज्यों में गुटखा का वितरण
भारत के विभिन्न राज्यों में गुटखा के सेवन में बड़ा भेद दिखता है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में गुटखा का सेवन सबसे ज्यादा है। इन राज्यों में गुटखा की खपत राष्ट्रीय औसत 30% से कहीं अधिक है। मध्य प्रदेश में हर 10 में से 6 परिवार गुटखा खाते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 50% से भी ऊपर है। चिंताजनक बात यह है कि शहरी इलाकों में भी अब यह पैटर्न देखी जा रही है, जहां गुटखा का सेवन तेजी से बढ़ रहा है।




