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Up kiran,Digital Desk : कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और कहा कि वे इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने में सबसे माहिर हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगान और वंदे मातरम के इतिहास से छेड़छाड़ की कोशिश की, जबकि संसद में बीते महीने वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करने का भी प्रयास हुआ।

जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पीएम मोदी महात्मा गांधी की यादों और विरासत को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “बीते महीने संसद में राष्ट्रगीत पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री और उनके सहयोगी बेनकाब हो गए। राष्ट्रगान के इतिहास से छेड़छाड़ की गई और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करने का प्रयास हुआ।”

रमेश ने आगे कहा कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती है, जिन्होंने 1937 में वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद को सुलझाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने इतिहासकार सुगत बोस के हवाले से बताया कि नेताजी ने 2 नवंबर 1942 को बर्लिन में फ्री इंडिया सेंटर का उद्घाटन किया और राष्ट्रगान के दौरान जन गण मन गाया। इसके अलावा नेताजी ने 6 जुलाई 1944 को सिंगापुर से प्रसारित संदेश में पहली बार महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने में माहिर हैं और इसका ताजा उदाहरण मनरेगा कानून को वापस लेना है।

वंदे मातरम पर संसद में हुई चर्चा
बीते माह शीतकालीन सत्र के दौरान वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर संसद में चर्चा हुई। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने भाजपा पर वंदे मातरम के नाम पर राजनीति करने और इतिहास को दोबारा लिखने का आरोप लगाया, जबकि सत्तापक्ष ने जवाब में कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।