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Up Kiran, Digital Desk: नंदा नगर ब्लॉक सभागार में 484 गांवों की महापंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें इस वर्ष नंदा राजजात यात्रा के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके साथ ही, नंदा देवी सिद्धपीठ मंदिर कुरुड़ आयोजन समिति का भी गठन किया गया। समिति के नए अध्यक्ष कर्नल (सेनि) हरेंद्र सिंह रावत को सर्वसम्मति से चुना गया। खास बात यह रही कि महापंचायत में तय किया गया कि नंदा राजजात यात्रा इसी वर्ष आयोजित की जाएगी और वसंत पंचमी के दिन, यानी 23 जनवरी को इस यात्रा की शुरुआत का मुहूर्त निकाला जाएगा।

नंदा राजजात स्थगित करने के कारण पर गहरी चर्चा

हालांकि, नंदा राजजात 2026 को लेकर रविवार को हुई बैठक में एक बड़ा विवाद सामने आया था, जिसमें श्रीनंदा राजजात समिति ने यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया था। यह फैसला कई कारणों से लिया गया, जिनमें मलमास के कारण यात्रा का समापन सितंबर माह के अंत तक होने की बात सामने आई। साथ ही, यात्रा के पड़ावों पर बुनियादी ढांचे की कमी और प्रशासन द्वारा पुनर्विचार पत्र पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया।

समिति ने स्पष्ट किया कि बुग्यालों में बर्फ होने की संभावना और जरूरी ढांचागत सुविधाएं न होने के कारण यात्रा की तारीख को स्थगित किया गया। इस बीच, अब वसंत पंचमी पर तय किया जाएगा कि नंदा राजजात किस वर्ष होगी और यात्रा के कार्यक्रम को फिर से निर्धारित किया जाएगा।

राजजात यात्रा से जुड़े इंतजार और आशाएं

कांसुवा से नौटी और फिर होमकुंड के रास्ते जाने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए स्थानीय लोग बेहद उत्साहित हैं। यह यात्रा हर बार जनसैलाब को आकर्षित करती है। यात्रा के स्थगित होने से क्षेत्रीय निवासियों में कुछ निराशा भी थी, लेकिन अब नंदा देवी के भक्तों के लिए नए निर्णय ने उम्मीदों को फिर से जीवित कर दिया है।

पिछले तीन वर्षों से यात्रा का आयोजन अगस्त-सितंबर माह में प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे अगले वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया है। श्रीनंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुंवर के नेतृत्व में इस बदलाव पर विचार विमर्श हुआ। कर्णप्रयाग में आयोजित समिति की कोर कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे पर गहरी चर्चा हुई और प्रशासन के पुनर्विचार पत्र के आधार पर यात्रा की तारीखों को स्थगित किया गया।