
कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई और 11 अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना नेलोगी क्रॉस के पास उस समय हुई जब एक वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। सभी मृतक बागलकोट जिले के रहने वाले थे और धार्मिक यात्रा पर निकले हुए थे।
घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी, शुरू हुई जांच
हादसे की सूचना मिलते ही कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक ए. श्रीनिवासुलु अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने नेलोगी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत के सड़क किनारे खड़ा था, जिससे वैन के चालक को समय पर ट्रक दिख नहीं पाया।
ख्वाजा बंदे नवाज दरगाह जा रहे थे सभी यात्री
जानकारी के अनुसार, वैन में सवार सभी लोग बागलकोट जिले से कलबुर्गी स्थित प्रसिद्ध ख्वाजा बंदे नवाज दरगाह जा रहे थे। इसी दौरान नेलोगी क्रॉस के पास सुबह करीब साढ़े तीन बजे यह हादसा हुआ। एक मैक्सीकैब वाहन, जो तीर्थयात्रियों को लेकर जा रहा था, खड़े ट्रक के पीछे से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मृतकों की पहचान और अस्पताल में इलाज
हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान वाजिद, महबूबी, प्रियंका और महबूब के रूप में हुई है। इनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घायलों को तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से कलबुर्गी के जीआईएमएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
इस हादसे से मृतकों के परिवारों में गहरा शोक है। धार्मिक श्रद्धा के साथ निकले यह यात्री कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि उनकी यात्रा इस तरह समाप्त होगी। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
पुलिस की अपील: सफर के दौरान सतर्कता जरूरी
कलबुर्गी पुलिस ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरती जाए। सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के प्रति सतर्क रहना और यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की कितनी जरूरत है, खासकर उन रास्तों पर जहां भारी वाहनों की आवाजाही सामान्य है।
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