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Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में सामूहिक विवाह योजना को और भी ज़्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब अगर आप इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं तो आधार कार्ड को अपडेट रखना आपकी पहली प्राथमिकता होगी। सरकार का सीधा मकसद है कि इस लोकप्रिय योजना में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा न हो सके और असली हकदार को ही लाभ मिले।

पहचान अब बायोमेट्रिक और फेस स्कैन से

ज़िला समाज कल्याण अधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार ने इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि विवाह समारोह स्थल पर अब जोड़ों की पहचान बायोमेट्रिक और चेहरे के प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) के ज़रिए की जाएगी। ये एकदम तकनीकी तरीका है जिससे लाभार्थियों की उपस्थिति दर्ज होगी। यह कदम इस योजना को पूरी तरह व्यवस्थित और धोखाधड़ी से मुक्त बनाने की ओर एक बड़ा कदम है।

आधार में फोटो और जानकारी है पुरानी तो हो सकती है दिक्कत!

डॉक्टर कुमार ने एक ज़रूरी सलाह भी दी। उन्होंने बताया कि जिन आवेदकों के आधार कार्ड में लगी फोटो पुरानी है या साफ नहीं है या फिर मोबाइल नंबर और बाकी जानकारियाँ अपडेटेड नहीं हैं उन्हें प्रमाणीकरण के समय परेशानी आ सकती है।

इसलिए, सभी लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपने आधार कार्ड में फोटो मोबाइल नंबर और बाकी ज़रूरी विवरण को अपडेट करा लें। ऐसा करने से हाजिरी के दौरान कोई तकनीकी रुकावट नहीं आएगी और काम आसानी से हो जाएगा।

फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगेगी लगाम

सरकार का मानना है कि इस तकनीक-आधारित सिस्टम से फर्जी पंजीकरण की शिकायतों पर रोक लगेगी। कई बार शिकायतें मिलती थीं कि अपात्र लोग भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब अगर किसी का आधार अपडेट नहीं होगा तो उन्हें लाभ मिलने में दिक्कत हो सकती है।

यही वजह है कि विभाग ने सभी पात्र जोड़ों से अनुरोध किया है कि वे बिना देरी किए अपने आधार कार्ड को अपडेट करा लें। ताकि उन्हें इस लोक कल्याणकारी योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सके। यह नई व्यवस्था पारदर्शिता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।