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Up Kiran, Digital Desk: बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) ने 'इंडिया मैरीटाइम वीक (IMW) 2025' की तैयारियां ज़ोर-शोर से शुरू कर दी हैं. इसकी शुरुआत दिल्ली में एक 'एंबेसडर्स राउंडटेबल' से हुई, जिसमें 25 से ज़्यादा देशों के राजदूत, बड़े सरकारी अधिकारी और इंडस्ट्री के दिग्गज एक साथ जुटे.

क्या है यह आयोजन और क्यों है इतना ख़ास?

'इंडिया मैरीटाइम वीक 2025' एक पांच दिवसीय भव्य आयोजन है, जो 27 से 31 अक्टूबर तक मुंबई के नेस्को एग्जीबिशन सेंटर में होगा. इस कार्यक्रम का मक़सद दुनिया को भारत की समुद्री क्षेत्र में हो रही तरक्की, भविष्य के अवसरों और ग्लोबल पार्टनरशिप की ताक़त दिखाना है.

पानी की ताक़त का सही इस्तेमाल ज़रूरी" - सर्बानंद सोनोवाल

बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाए बिना समुद्री ताक़त का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा, "पानी की शक्ति पूरी दुनिया को आगे बढ़ने में मदद कर रही है. हमें अपनी प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना इसकी क्षमता का पता लगाना चाहिए."

बंदरगाह भारत के भविष्य के प्रवेश द्वार हैं" - शांतनु ठाकुर

राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने सरकार द्वारा बंदरगाहों को आधुनिक बनाने और डिजिटल एवं ग्रीन शिपिंग को बढ़ावा देने के प्रयासों पर प्रकाश डाला. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को दोहराते हुए कहा, "बंदरगाह सिर्फ़ समृद्धि के ही नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के भी प्रवेश द्वार हैं. इसी विज़न के साथ भारत अपने समुद्री क्षेत्र को आधुनिक बना रहा है."

इस कार्यक्रम में जहाज़ निर्माण (shipbuilding), बंदरगाह आधारित विकास और ब्लू इकोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर फ़ोकस किया जाएगा. साफ़ है कि भारत अब दुनिया को यह दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है कि समुद्री व्यापार के क्षेत्र में वह एक ग्लोबल सुपरपावर बनने की राह पर है.

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